वाराणसी के अरविंद ने ‘शबरी’ बनकर प्रधानमंत्री को ‘मोमो’ खिलाने की जतायी इच्छा

-आगरा की प्रीति बोलीं, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना डूबते को तिनके का सहारा 
-लखनऊ के खुशीराम ने कहा, लोन ने पटरी से उतरी जिंदगी को दौड़ाने का किया काम 
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पीएम स्वनिधि योजना के उत्तर प्रदेश के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद में उनकी मेहनत व प्रयासों को सराहा।
इस दौरान वाराणसी में दुर्गाकुंड के समीप मानस नगर कालोनी के मोड़ पर मोमाे व काफी की दुकान लगाने वाले 39 वर्षीय मिस्टर माही हाट ऐंड कूल यानी अरविंद मौर्य से बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने अरविंद से कहा कि सुन रहा हूं बनारस का मोमोज काफी तेजी से प्रचलित हो रहा है। मैं बनारस आता हूं तो मुझे कोई मोमोज खिलाता ही नहीं। उन्होंने कहा कि कड़ी सुरक्षा के कारण मैं आप लोगों से मिल नहीं पाता हूं। इस पर अरविंद ने कहा कि जैसे शबरी ने भगवान राम को बेर खिलाए थे, वैसे ही मैं आप को भी मोमो खिलाऊंगा।
अरविंद ने प्रधानमंत्री को बताया कि पहले लोन के लिए लोग भी लोग बेवकूफ बनाते थे। लेकिन, जब अचानक बैंक से बुलाकर कहा गया कि आधार और पासबुक लेकर आइए लोन पास हो गया तो विश्वास ही नहीं हुआ। अरविंद ने प्रधानमंत्री को बताया ​कि वह दो गज की दूरी का पालन करने को प्राथमिकता देता है और जो भी ग्राहक मोमोज का ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, उनको एक मोमोज वे मुफ्त में देते हैं। बाद में प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में अरविंद की इस पहल की बेहद सराहना भी की।
इसी तरह आगरा में ताजगंज निवासी फल का ठेला लगाने वाली महिला प्रीति ने प्रधानमंत्री से संवाद के दौरान बताया कि काम पूरी तरह से खत्म हो गया था। दस हजार रुपये का ऋण मिलने के बाद दोबारा काम शुरू किया। प्रीति ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को डूबते को तिनके का सहारा बताया। उन्होंने जानकारी दी कि लॉकडाउन से पूर्व सब्जी की ठेल लगाती थीं, लेकिन काम ठप हो गया था। नगर निगम से सम्पर्क कर ऋण लिया। इसके बाद फल का ठेला लगवाया।
प्रधानमंत्री ने उससे नवरात्र में फल अधिक बिके होने के बारे में पूछा तो प्रीति ने कहा कि बिक्री ठीक हुई। बैंक की एक किश्त भी जमा कर दी है। प्रधानमंत्री ने प्रीति से पेटीएम पर भुगतान के बारे में भी जानकारी ली। इस पर उसने कहा कि वह चेक कर लेती है कि किसी ने भुगतान किया है या नहीं।
प्रधानमंत्री ने प्रीति से उसके परिवार के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि वह अपने पैरों पर खड़ा होकर परिवार का पालन करें। बच्चों को पढ़ाएं। इस पर प्रीति ने कहा कि आप हमारी उंगली पकड़कर चलेंगे तो कुछ नहीं होगा। प्रीति ने अपने पति राधेश्याम के पैरों में दिक्कत होने की भी जानकारी दी। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अफसरों को निर्देश देंगे। अधिकारी आपसे मिलकर परेशानी की जानकारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराएंगे।
लखनऊ के चौक चौराहे के पास ठेले पर भेलपुरी बेचने वाले विजय बहादुर आज बेहद भावुक नजर आए। खुशीराम के नाम से मशहूर पटरी दुकानदार विजय बहादुर ने प्रधानमंत्री को बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद व्यवसाय शुरू करने में मुश्किल आ रही थी। लेकिन, स्वनिधि योजना के तहत दस हजार रुपये मिलने के बाद एक साथ एक सप्ताह के लिए माल खरीद लिया जिससे बार-बार भागने की जरूरत भी नहीं पड़ती। वहीं, दुकान पर माल नजर आने से ग्राहक भी आने लगे हैं। विजय बहादुर ने प्रधानमंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया। उसने कहा कि कोरोना के बाद अब व्यवसाय फिर से शुरू हो गया है। इस लोन ने पटरी से उतरी उनकी जिंदगी को दौड़ाने का काम किया है। शाम को ग्राहक आते हैं इससे हर रोज लगभग 250 रुपये तक की कमाई हो जाती है।
प्रधानमंत्री ने उससे पूछा कि क्या नई पीढ़ी के बच्चे भी भेलपूरी खाते हैं? इस पर बहादुर ने कहा कि ये हर उम्र के लोगों को पसंद आता है और लखनऊ में इसकी काफी मांग है। विजय बहादुर ने लॉकडाउन के दौरान सरकार द्वारा राशन मुहैया कराने के कदम की भी तारीफ की।
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