प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद इस वर्ष अपनी स्थापना का 100वां वर्ष मना रहा है। ऐसे में बोर्ड आगामी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में छात्राओं को इस साल डबल गिफ्ट देने वाला है। एक तरफ तो राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन बालिका विद्यालयों को केंद्र निर्धारण की अनिवार्य अर्हताएं पूरी करने पर पहली बार प्राथमिकता के आधार पर सेंटर बनाने की व्यवस्था की गई है। वहीं दूसरी ओर स्कूल के केंद्र बनने पर बालिकाओं को स्वकेंद्र की सुविधा का भी लाभ मिलेगा।
इसके तहत यदि किसी स्कूल में छात्र-छात्राएं दोनों पढ़ते हैं और वह केंद्र बनता है तो उस स्थिति में छात्रों को दूसरे स्कूल में परीक्षा देनी होगी लेकिन छात्राओं को उसी स्कूल में सेंटर आवंटित किया जाएगा। स्वकेंद्र वाला नियम पूर्व के वर्षों में भी था। इससे 2021 की परीक्षा में 10वीं एवं 12वीं की 25 लाख से अधिक छात्राओं को लाभ होगा।

जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने बताया कि बोर्ड इस वर्ष अपनी स्थापना का 100वां साल मनाने जा रहा है, इसलिए यह उपलब्धि बोर्ड के लिए बेहद मायने रखती है। इस मौके पर साल भर तमाम कार्यक्रम कराये जाने की तैयारी चल रही है।
साथ ही बोर्ड परीक्षा के लिए चल रही केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के सैकड़ों विद्यार्थियों को फायदा होगा, सबसे ज्यादा लाभ छात्राओ का होगा क्योंकि इस बार बोर्ड ने राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन बालिका विद्यालयों को केंद्र निर्धारण की अनिवार्य अर्हता पूरी करने पर पहली बार प्राथमिकता पर केंद्र बनने का मौका दिया है।

खास बातें-
– बालिका विद्यालय में बालक परीक्षार्थियों का आवंटन नहीं किया जाएगा
– बालिका परीक्षार्थियों को जहां स्वकेंद्र/स्थानीय केंद्र की सुविधा न दी जा सके, वहां उन्हें अधिकतम 5 किमी की परिधि के परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने की सुविधा दी जाए
– केंद्र पर एक से अधिक स्कूलों के परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए आवंटित किया जाए
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2021 में इस साल एक लाख 20 हजार 958 विद्यार्थी शामिल होंगे। इस वर्ष हाईस्कूल में 38354 बालक, 26741 बालिका समेत कुल 65095 विद्यार्थी शामिल होंगे, जबकि इंटर में 33389 बालक, 22474 बालिका समेत कुल 55863 विद्यार्थी परीक्षा देंगे।













