‘रक्तांचल के वसीम’ पर बढ़ा दबाव, समर्थकों में खामोशी

लखनऊ। मऊ जनपद से लखनऊ तक अपना सिक्का चलाने वाले बाहुबली से नेता बने मुख्तार अंसारी के समर्थकों में खामोशी छायी हुई है। ‘रक्तांचल वेब सीरीज’ में वसीम के रुप में दिखायी दिये मुख्तार पर भाजपा समर्थित बाहुबली नेताओं का दबाव बढ़ा है।
 पंजाब के रोपड़ जेल में बंद मुख्तार अंसारी को एमपी एमएलए कोर्ट में पेश करने के लिए निरंतर यूपी पुलिस प्रयास कर रही है। जबकि मुख्तार को बीमार बताते हुए यूपी लाना मुश्किल बताया जा रहा है। वहीं मुख्तार की पत्नी अफशां अंसारी, बेटे अब्बास एवं उमर की तलाश में यूपी पुलिस दिनरात एक किये हुए हैं। अफशां अंसारी पर जमीन कब्जाने, सरकारी धन के गबन के मामले और अब्बास एवं उमर पर फर्जी दस्तावेज से धोखाधड़ी करने के मुकदमा दर्ज हैं।
मुख्तार के गिरोह को एक दशक पूर्व में सबसे बड़ा माना जाता था और प्रदेश में गिरोह की तूती बोलती थी। तारीख बताती है कि 5 मार्च, 2016 को मुख्तार गिरोह के शार्प शूटर मुन्ना बजरंगी के साले पुष्पजीत को लखनऊ के विकासनगर इलाके में गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया गया था।
इसके एक वर्ष बीतते हुए एक दिसंबर 2017 में मुख्तार और मुन्ना बजरंगी के बीच पुल का काम करने वाले तारिक को लखनऊ के ग्वारी पुल पर शूटरों ने चार गोली मारकर हत्या कर दी। फिर मुख्तार के खास मुन्ना बजरंगी की नौ जुलाई 2018 को बागपत जेल में गोली मारकर हत्या हुई। कुछ ही समय बीता था कि 30 सितंबर 2019 को वाराणसी में सदर तहसील के भीतर बुलेट प्रुफ गाड़ी से पहुंचें मुख्तार के नजदीकी नितेश सिंह बबलू गोली मारकर हत्या कर दी गयी।
मुख्तार अंसारी के गिरोह को समाप्त करने के लिए उसके गुर्गो व शूटरों की हत्या होते रही है, इसी बीच बीते आठ अगस्त 2020 को भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में शामिल रहे मुख्तार के खास शूटर राकेश पाण्डेय को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ में ढ़ेर कर दिया।
वर्ष 2021 की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से हुई थी, लेकिन ये शांति बहुत दिनों तक बनी ना रह सकी। एक बार फिर गोलियों की आवाज से लखनऊ गूंज उठा। छह जनवरी को कठौता चैराहे के निकट पूर्व विधायक शीपू सिंह की हत्या में मुख्य गवाह रहे अजीत सिंह को 25 गोलियां मारकर हत्या कर दी गयी।
अजीत सिंह की मौत की जांच आगे बढ़ी तो इसमें जेल में कुंटू सिंह और अखण्ड प्रताप सिंह का नाम सामने आया। मुख्तार से नजदीकी रखने वाले मृत पूर्व विधायक शीपू सिंह की हत्या मामले में गवाह होने के कारण अजीत का नाम मुख्तार गिरोह से जोड़ कर देखा गया। घटना को अंजाम देने वाला मुख्य शूटर गिरधारी विश्वकर्मा को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नई दिल्ली में गिरफ्तार किया।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा अपनी तैयारियां कर रही है तो विपक्ष अजीत सिंह की हत्या को भुनाने में जुट गयी है। मऊ, गाजीपुर, बलिया और वाराणसी जिलों में अजीत की हत्या की चर्चा जोरों पर हैं। वहीं मुख्तार अंसारी गिरोह में खामोशी को भी रंग देने की कोशिश में देशव्यापी राजनीतिक दल लग गया है।
बता दें कि प्रदेश की राजनीति में बाहुबलियों को कमजोर करने के लिए प्रदेश सरकार का एक्शन प्लान नई बात नहीं है। भाजपा समर्थित बाहुबली नेताओं की पहल पर इस बार मुख्तार अंसारी पर प्रदेश सरकार की टेढ़ी नजर है और लखनऊ में अंसारी परिवार के आलीशान भवनों के जमीदोंज किये जाने की कार्रवाई इसकी कहानी कहती है।
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