लखनऊ। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कोविड महामारी के दौरान भी औद्योगिक गतिविधियां निर्बाध रूप से जारी रहीं। जिसके कारण श्रमिकों और कामगारों की रोजी रोटी भी चलती रही। जाहिर है कि प्रदेश में जीवन और जीविका दोनों को बचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ी योगी आदित्यनाथ सरकार ने समय रहते कोरोना से प्रदेश को बचाने और श्रमिकों के जीवन यापन को सुचारु ढ़ंग से चलाने का काम किया।
गौरतलब है कि प्रदेश की सभी औद्योगिक इकाइयों में प्रदेश की योगी सरकार की तरफ से कोविड हेल्प डेस्क बनाई गई है, ताकि वहां काम करने वाले श्रमिकों व उनके परिवार को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न हो।
पीटीसी कंपनी के मैनेजर राकेश झा ने बताया कि लखऩऊ की पीटीसी कंपनी में श्रमिकों की सुरक्षा को देखते हुए हफ्ते में दो बार कोरोना टेस्टिंग का इंतजाम किया गया है।
यही नहीं अगर किसी श्रमिक को कोविड लक्षण दिखते हैं तो उसे प्रदेश सरकार की मदद से अस्पताल में भर्ती कराने की भी व्यवस्था की गई है। बता दें कि पीटीसी प्रदेश में ऐरोस्पेस से जुड़े पार्ट्स का उत्पादन करती है। यही नहीं एफ 16 फाइटिंग फेलकॉन पार्ट्स भी बना रही है।













