हांगकांग : ग्वांगडोंग प्रांत में चीन के न्‍यूक्लियर प्‍लांट में रेडियोएक्टिव लीकेज!

हांगकांग। चीन में हांगकांग के नजदीक ग्वांगडोंग प्रांत में स्थित ताइशान न्‍यूक्लियर प्‍लांट में रेडियो‍एक्टिव पदार्थ के लीक होने के बाद कुछ समय के लिए वहां पर अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया था। इसकी जानकारी इस न्‍यूक्यिलर प्‍लांट के ज्‍वांइट ऑपरेटर फ्रेंच मल्‍टीनेशनल इलेक्ट्रिक यूटिलिटी इलेक्ट्रिसिटी डे फ्रांस (फ्रेमोटॉम ) ने दी है। इस कंपनी का कहना है कि फिलहाल प्‍लांट सुरक्षा के दायरे में ही हे और काम कर रहा है।

Advertisement

गौरतलब है कि इस प्‍लांअ को चीन की कंपनी जनरल न्‍यूक्यिल पावर ग्रुप फ्रांस की कंपनी के साथ मिलकर ऑपरेट करता है। प्‍लांट में लीकेज की खबर आने के बाद प्‍लांट के डाटा की समीक्षा के लिए दोनों ही कंपनियों ने एक साझा बैठक भी की थी।

फ्रेमोटॉम से जारी एक बयान में कहा गया है कि कंपनी पर प्‍लांट की परफोर्मेंस की जिम्‍मेदारी है। इसमें ये भी कहा गया है कि कंपनी के विशेषज्ञ हालात का जायजा लेने में लगे हुए हैं। वो इस बात को भी तलाश रहे हैं कि कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं हुई है। हांगकांग से करीब 135 किमी दूर स्थित इस प्‍लांट में रेडिएशन लेवल को फिलहाल सही पाया गया है। इसकी जानकारी हांगकांग ऑब्‍जरवेटरी ने दी है जिसके पास इसके आस पास के शहरों का रेडिएशन लेवल नापने की जिम्‍मेदारी है।

सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सोमवार को फ्रेमोटॉम ने अमेरिकी ऊर्जा विभाग को रेडियोएक्टिव लीकेज के खतरे की चेतावनी दी थी। साथ ही उसने चीन पर आरोप लगाया था कि वो इस प्‍लांट के बाहर क्षमता से अधिक रेडियोएक्टिव पदार्थ बाहर डाला जा रहा है जिससे इस प्‍लांट को बंद करने से रोका जा सके। सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि अमेरिकी अधिकारियों को लगता है कि मौजूदा हालातों में प्‍लांट की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।

फ्रांस की कंपनी ने अपने एक बयान में ये भी कहा है कि उसको बताया गया है कि रिएक्‍टर वन के पास कुछ बेहद दुलर्भ गैसों का लेवल लगातार बढ़ रहा है। कंपनी का ये भी कहना है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर उसने चीन से इस बात की अपील की है कि फिलहाल इस प्‍लांट को होल्‍ड पर डाल देना चाहिए।

दूसरी तरफ इस प्‍लांट में लीकेज की खबर आने के बाद अमेरिका भी इसके अध्‍ययन में जुट गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिका ने इस लीकेज की रिपोर्ट का आकलन करने में पूरा एक सप्‍ताह लगाया है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि फ्रांस की पावर कंपनी ने ही यहां पर रेडियोएक्टिव लीकेज की आशंका को देखते हुए खतरे की चेतावनी दी थी। इस मुद्दे पर सुरक्षा परिषद में भी बैठकों का दौर चला है। इसकी वजह यही है कि इसको संचालित करने वाली दोनों ही कंपनियां अलग-अलग बात कह रही हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here