राहुल को उतार कर क्या कांग्रेस ने BJP की रणनीति को कर दिया है फेल?

लखनऊ। यूपी की दो अहम सीटों को लेकर आखिरकार कांग्रेस ने फैसला ले लिया। हालांकि रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीट को लेकर बीते कुछ दिनों से कई तरह के कयास लगाये जा रहे थे।

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कहा जा रहा था कि प्रियंका और राहुल गांधी को चुनावी मैदान में उतारा जायेगा लेकिन अमेठी सीट को लेकर बेहद चौंकाने वाला फैसला किया और इस बार गांधी परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ रहा है और अमेठी सीट से किशोरी लाल शर्मा (केएल शर्मा) को टिकट दिया है जबकि रायबरेली सीट से राहुल गांधी को उतारा जा रहा है।

दोनों नेता शुक्रवार को नामांकन दाखिल करेंगे, जिसकी तैयारी भी पूरी हो गई है। दूसरी तरफ ये भी साफ हो गया है कि प्रियंका गांधी इस बार भी चुनाव नहीं लडेंग़ी।

अब सवाल है कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि राहुल गांधी को अमेठी के बजाय रायबरेली सीट को चुनाव लडऩे पर मजबूर होना पड़ा।

राहुल गांधी का अमेठी सीट छोडक़र रायबरेली से चुनाव लडऩे के फैसले पर बीजेपी भले ही सवाल उठा रही हो लेकिन कांग्रेस ने बेहद खास रणनीति के तहत इस तरह का कदम उठाया है। माना जा रहा है कि बीजेपी की प्लानिंग को फेल करने के लिए कांग्र्रेस ने दोनों सीटों को लेकर इस तरह का फैसला किया है।

2024 का चुनावी माहौल पूरी तरह से मोदी बनाम राहुल के इर्द-गिर्द नजर आ रहा है। कांग्रेस नहीं चाहती है कि इस बार भी राहुल बनाम ईरानी जैसे नैरेटिव बने, इसलिए उसने राहुल गांधी को रायबरेली से चुनावी मैदान में उतारा है और बीजेपी की मंशा को नाकाम करने का काम किया है।

कांग्रेस ने रणनीति के तहत राहुल गांधी को रायबरेली से उतारा है ताकि बीजेपी ये न कह सकें कि गांधी परिवार यूपी छोडक़र भाग गया जबकि प्रियंका गांधी इस बार भी चुनाव लडऩे को तैयार नहीं है और वो पूरी तरह से कांग्रेस के लिए प्रचार करने पर अपना फोकस लगा रही है। ऐसे में बीजेपी और पीएम मोदी के पास ज्यादा बोलने के लिए कुछ नहीं रहेगा।

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