राजधानी लखनऊ में आज यानी कि मंगलवार से स्कूल खुल हैं, लेकिन इसके साथ ही सड़कों पर कंडम और अनफिट स्कूली वाहनों की आवाजाही को लेकर आरटीओ विभाग सतर्क हो गया है। साफ कर दिया गया है कि यदि किसी भी स्कूली वाहन में बच्चे सफर करते मिले और वह वाहन अनफिट या कंडम घोषित हुआ, तो न सिर्फ वाहन मालिक बल्कि संबंधित स्कूल प्रबंधन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

183 कंडम वाहन, 258 बिना फिटनेस या परमिट के
शुक्रवार को आरटीओ विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ में कुल 1915 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 183 वाहन ऐसे हैं जो 15 साल से अधिक पुराने यानी कंडम हो चुके हैं। वहीं, 258 वाहन ऐसे पाए गए जिनका या तो फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका है या परमिट। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 72 वाहन ऐसे हैं जिनके पास न फिटनेस है न ही वैध परमिट।
सिर्फ 45 वाहनों ने कराया नवीनीकरण
आरटीओ की चेतावनी के बावजूद अब तक केवल 45 वाहन मालिकों ने ही अपने वाहनों का फिटनेस और परमिट नवीनीकरण कराया है। बाकी वाहनों के स्कूल खुलते ही सड़कों पर उतरने की आशंका जताई जा रही है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

मंगलवार से चलेगा सघन जांच अभियान
इस स्थिति को देखते हुए आरटीओ विभाग ने निर्णय लिया है कि मंगलवार से स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। आरटीओ संजय तिवारी ने कहा- “यदि जांच के दौरान कोई अनफिट, बगैर परमिट या नियमों का उल्लंघन करने वाला स्कूली वाहन पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उस स्कूल प्रबंधन को भी उत्तरदायी ठहराया जाएगा, जो ऐसे वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
बच्चों की सुरक्षा से नहीं होगा समझौता
प्रशासन का साफ कहना है कि बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे में स्कूलों को भी चाहिए कि वे सिर्फ उन्हीं वाहनों को परिवहन के लिए इस्तेमाल करें जिनके दस्तावेज पूरे और वाहन तकनीकी रूप से सुरक्षित हों।













