‘पायलट की आत्महत्या का आरोप निराधार…जांच टीम में शामिल करने की मांग

नई दिल्ली। अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर आई विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट लगातार चर्चा में है। इस रिपोर्ट में विमान हादसे के पीछे फ्यूट कटऑफ का अंदेशा जताया गया है, जिसे लेकर पायलट यूनियन का गुस्सा भड़क गया है। एअरलाइन पायलट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA-India) ने प्लेन क्रैश की जांच में शामिल करने की मांग की है।

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भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (ICPA) ने पायलट के द्वारा विमान का फ्यूल कटऑफ करने वाली थ्योरी की कड़ी निंदा की है। ICPA का कहना है कि जांच पूरी हुए बिना पायलट पर इस तरह से इल्जाम लगाना सही नहीं है। पायलट की आत्महत्या का यह आरोप पूरी तरह से निराधार है।

ICPA ने किया विरोध

ICPA के अनुसार, हादसे के बाद मीडिया और आमजन के बीच जिस तरह की बातें चल रही हैं, उससे हम बेहद दुखी हैं। पायलट के द्वारा आत्महत्या का यह आरोपी बकवास और निराधार है। इस तरह के दावों का कोई आधार नहीं है। प्रारंभिक जांच और अधूरे आंकड़ों के आधार पर ऐसे इल्जाम लगाना न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना हरकत है बल्कि उनके परिवार के प्रति भी असंवेदनशीलता को दर्शाते हैं।

ALPA-India ने की जांच में शामिल होने की मांग

एअरलाइन पायलट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA-India) ने प्लेन क्रैश जांच में शामिल होने की मांग की है। ALPA-India 800 एअरलाइंस और हेलीकॉप्टर कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है। साथ ही यह संस्था इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एअरलाइन पायलट्स एसोसिएशन (IFALPA) से जुड़ी है। वहीं, दुनिया के 100 देशों के 1 लाख पायलट IFALPA के सदस्य हैं।

AAIB की रिपोर्ट पर उठाए सवाल

ALPA-India के अध्यक्ष सैम थॉमस ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, “AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट वेबसाइट पर डाल दी गई। उसपर किसी के हस्ताक्षर नहीं थे। हम पारदर्शिता चाहते हैं। हम चाहते हैं कि जांच टीम में हमारे प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए।”

सैम थॉमन के अनुसार, जांच की गोपनीयता से हम हैरान हैं। हमें लगता है कि जांच में पायलट्स को प्लेन क्रैश के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। हम इसके सख्त खिलाफ हैं।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश

बता दें कि 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभाई एअरपोर्ट एअर इंडिया के विमान AI171 ने 230 यात्रियों और 12 क्रू मेंबर्स के साथ उड़ान भरी थी। कुछ दूर जाते ही विमान ने थ्रस्ट देना बंद कर दिया और बीजे मेडिकल कॉलेज से जा टकराया। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के 1 महीने बाद 12 जुलाई को AAIB ने 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें विमान हादसे की वजह फ्यूल कटऑफ को बताया जा रहा है।

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