यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरी पर किया हमला, उठीं भीषण आग की लपटें

नई दिल्ली। यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले तेज कर दिए हैं। ताजा हमला किरिशी रिफायनरी पर हुआ है जिसे रूस के सबसे बड़े तेलशोधक कारखानों में माना जाता है। शनिवार-रविवार की रात यूक्रेन पर हमले के लिए सैकड़ों ड्रोन छोड़े थे। रूस ने इनमें से 361 को मार गिराने का दावा किया लेकिन कई ड्रोन लक्ष्यों को निशाना बनाने में सफल रहे। यूक्रेन ने इस हमले को सफल बताया है।

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द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में छिड़े सबसे बड़े यूक्रेन युद्ध में अब ड्रोन हमलों का दौर चल रहा है। रूस और यूक्रेन बड़ी संख्या में एक-दूसरे के क्षेत्रों पर ड्रोन हमले कर रहे हैं। यूक्रेन ड्रोन हमलों से रूस के तेलशोधक कारखानों, बंदरगाहों और तेल पाइपलाइनों को निशाना बना रहा है। यूक्रेन के इन हमलों का विश्व के दूसरे सबसे बड़े तेल निर्यातक रूस की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार भी इससे प्रभावित हो रहा है।

किरिशी रिफायनरी पर यूक्रेन का हमला

रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि यूक्रेन के छोड़े अधिसंख्य ड्रोन के अतिरिक्त चार गाइडेड एरियल बम और अमेरिका हिमार्स मिसाइल को भी डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया गया। लेकिन बच गए कुछ ड्रोन किरिशी रिफायनरी के नजदीक तक पहुंच गए थे। यह रिफायनरी रूस की सबसे बड़ी दो रिफायनरियों में से एक है।

हवा में नष्ट किए यूक्रेनी ड्रोन- एलेक्जेंडर ड्रोजडेंको

लेनिनग्राद के गवर्नर एलेक्जेंडर ड्रोजडेंको ने कहा है कि किरिशी इलाके में उड़ रहे तीन यूक्रेनी ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने आकाश में नष्ट कर दिया। उनके जलते हुए अवशेषों के रिफायनरी पर गिरने से उसमें आग लगी। इस हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है। जबकि यूक्रेन के ड्रोन कमांड सेंटर ने कहा है कि सफल ड्रोन हमले को अंजाम दिया गया। किरिशी रिफायनरी प्रतिदिन 3,55,000 बैरल कच्चे तेल का शोधन करती है। यह रूस की कुल तेल शोधन क्षमता का 6.4 प्रतिशत है।

(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

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