सीट के लिए आपस में ही तकरार, क्या सीमांचल में लहरा पाएंगे जीत का परचम

किशनगंज। सीमांचल के मुस्लिम बहुल जिले किशनगंज की चार विधानसभा सीटों में एक पर कांग्रेस व तीन पर राजद का कब्जा है। इनमें से दो बहादुरगंज व कोचाधामन में ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम से जीते विधायक राजद में शामिल हो गए थे।

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इसबार चुनाव में चारों सीटों पर महागठबंधन में ही तकरार है। कांग्रेस दो सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि राजद किशनगंज की सीट भी मांग रहा है। किशनगंज सदर विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है।

2020 के चुनाव में कांग्रेस के इसरारूल हुसैन ने भाजपा की स्वीटी सिंह को करीब 13 सौ मतों से हरा दिया था। इस सीट पर महागठबंधन के साथ कांग्रेस में ही टिकट के अन्य दावेदार भी सामने आ गए हैं।

हाल ही में राजद छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले एक पूर्व विधायक कमरूल हुदा भी कांग्रेस से टिकट के लिए एड़ी-चोटी एक किए हुए हैं।  इस सीट पर राजद भी अपनी दावेदारी दे रहा है।

आलाकमान से इस सीट की मांग संभावित प्रत्याशी कर चुके हैं। इसी तरह बहादुरगंज विधानसभा पर कांग्रेस की नजर है। इस सीट पर कांग्रेस भी अपनी दावेदारी दे रही है। 2020 के चुनाव में यहां से कांग्रेस के मु. तौसीफ आलम मैदान में थे।

इस सीट पर एआइएमएआइएम के मु. अंजार नईमी ने वीआइ पार्टी के लखनलाल पंडित को 45 हजार से अधिक मतों से हरा दिया था। अब एआइएमआइएम से जीते विधायक राजद में हैं। इस कारण राजद इसे अपनी सीट मान रहा है। कांग्रेस इसे अपनी पारंपरिक सीट मानते हुए दावेदारी दे रही है।

आपस में ही खींचतान

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस सीट पर उसके उम्मीदवार पिछले चुनाव तक लड़ते थे। महागठबंधन में शामिल वीआइ पार्टी भी यह सीट मांग रही है। इससे इतर, ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र से 2020 में राजद चुनाव मैदान में था।

यहां से सउद आलम ने निर्दलीय प्रत्याशी गोपाल कुमार अग्रवाल को 23 हजार से अधिक मतों से हराया था। यह सीट वैसे तो राजद की पारंपरिक सीट मानी जा रही है, लेकिन 2010 तक कांग्रेस इस सीट से उम्मीदवार देती रही है। इस कारण कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी सीट पर अपना दावा मानकर क्षेत्र दौरा कर रहे हैं।

कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र से भी पिछले चुनाव में एआइएमआइएम के इजहार असफी ने जीत हासिल की थी। अब वो राजद में हैं। उन्होंने जदयू के मुजाहिद आलम को हराया था।

अब मुजाहिद आलम भी राजद में शामिल हो गए हैं। इस कारण वे भी राजद के दावेदार हैं। हालांकि, चुनाव नजदीक आते ही राजद के कई नेता नेता कांग्रेस, एआइएमआइएम में शामिल हो चुके हैं।

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