अफगानिस्तान से तनाव पर पाक‍िस्‍तान को भारत की चेतावनी…

नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष की वजह से दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर तनाव चरम पर है। इस संघर्ष में दोनों ओर से कई लोग मारे गए हैं। इसी बीच पाकिस्तान ने दावा किया अफगानिस्तान के साथ 48 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमति बन गई है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भले ही संघर्ष विराम पर सहमति बन गई हो लेकिन भारत की निगाहें इस घटनाक्रम पर लगी हुई हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को जमकर सुनाया।

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आतंकी संगठनों को पनाह देता है पाकिस्तान: MEA

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव में तीन बातें स्पष्ट हैं। पहली, पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है और आतंकवादी गतिविधियों को प्रायोजित करता है। दूसरी, अपनी आंतरिक विफलताओं के लिए अपने पड़ोसियों को दोष देना पाकिस्तान की पुरानी आदत है।

अफगानिस्तान का भारत ने किया पूरी तरह सपोर्ट

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे तीसरी बात का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान इस बात से नाराज है कि अफगानिस्तान अपने क्षेत्रों पर संप्रभुता का इस्तेमाल कर रहा है। भारत, अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यही नहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि वर्तमान में, काबुल में हमारा एक तकनीकी मिशन है। इस तकनीकी मिशन से दूतावास तक का स्थानांतरण अगले कुछ दिनों में होगा।

पाकिस्तान-अफगान में कब से चला आ रहा संघर्ष

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव का आगाज वैसे तो 2021 में ही हो गया था, जब अफगानिस्तान में तालिबान ने सत्ता संभाली थी। हालांकि, 10 अक्टूबर के बाद से सीमा पार संघर्ष में तेजी आई है और दोनों देशों का कहना है कि उन्होंने एक-दूसरे की तरफ से हुई सशस्त्र उकसावे की कार्रवाई के जवाब में हमले किए। बुधवार को दोनों पक्षों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई।

सैन्य संघर्ष के बीच 48 घंटे का सीजफायर

यह समझौता क्षेत्रीय शक्तियों की अपील के बाद हुआ, क्योंकि यह हिंसा उस क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल रही थी, जहां इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकी समूह फिर से सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। रातभर किसी बड़े संघर्ष की सूचना नहीं मिली, लेकिन बृहस्पतिवार को प्रमुख सीमा चौकियां बंद रहीं। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने इस संघर्षविराम का स्वागत किया और कहा कि वह हताहतों की संख्या का आकलन कर रहा है।

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