सबसे ज्यादा वोट, फिर भी करारी हार… तेजस्वी की RJD के लिए यह उलटा गणित कैसा?

नई दिल्‍ली: बिहार चुनाव के नतीजों के बाद एनडीए की सत्ता में वापसी का रास्‍ता साफ है। सत्तारूढ़ गठबंधन ने बंपर सीटें जीते हैं। हालांकि, चुनावी आंकड़ों के विश्‍लेषण में दिलचस्‍पी बात सामने आई है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से ज्‍यादा वोट हासिल किए हैं। यह चुनाव आरजेडी के लिए 2010 के बाद सबसे बड़ा झटका है। फिर भी पार्टी को वोट शेयर के मामले में बड़ी जीत मिली है।

Advertisement

चुनाव आयोग की ताजा जानकारी के अनुसार, आरजेडी को 22.99 फीसदी वोट शेयर मिला है। यह बीजेपी से करीब ढाई फीसदी अधिक है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू से यह करीब 4 फीसदी ज्‍यादा है। आरजेडी ने 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में 143 सीटों पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, पार्टी सिर्फ 25 सीटों पर ही सिमट गई। यह प्रदर्शन 2010 के बाद आरजेडी का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है, जब पार्टी ने सिर्फ 22 सीटें जीती थीं।

महागठबंधन के सहयोगी दलों का फीका प्रदर्शन

महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव को अपनी राघवपुर सीट को बचाने में पसीने छूट गए। वह कड़ी टक्‍कर के बाद यह सीट जीत पाए। उन्हें 1,18,597 वोट मिले। बीजेपी के सतीश कुमार से वह सिर्फ 14,532 वोटों से जीते। आरजेडी के सहयोगी दलों का भी प्रदर्शन फीका रहा। कांग्रेस को 6 सीट और CPIM(L) लिबरेशन को 2 सीट से संतोष करना पड़ा।

एनडीए ने जीतीं बंपर सीटें

दूसरी ओर, एनडीए 204 सीटों पर आगे चल रहा है। इसमें बीजेपी 92 सीटों पर, जेडीयू 84 सीटों पर, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 19 सीटों पर, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) 5 सीटों पर और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा 4 सीटों पर आगे है।

बिहार में मतदान 6 और 11 नवंबर को हुआ था। इस बार 66 फीसदी से ज्‍यादा मतदान हुआ, जो 1951 के बाद सबसे ज्‍यादा है। पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 62.8 फीसदी रहा, जबकि महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 71.6 फीसदी रहा।

यह चुनाव बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। एनडीए की सत्ता में वापसी के बीच आरजेडी का ज्‍यादा वोट शेयर हासिल करना एक दिलचस्प पहलू है। यह दिखाता है कि भले ही सीटें कम मिली हों। लेकिन, जनता के एक बड़े वर्ग ने आरजेडी को मतदान क‍िया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here