नई दिल्ली: बिहार चुनाव में सत्ताधारी एनडीए ने अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन से सभी चौंका दिया है। विपक्षी महागठबंधन को इन चुनावों में करारी शिकस्त मिली है। जैसे ही चुनाव नतीजे फाइनल हुए तो सवाल ये उठने लगा कि बिहार का अगला सीएम कौन होगा। ये सवाल इसलिए क्योंकि बीजेपी एक बार फिर सूबे में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, जेडीयू ने भी जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है। ऐसे में एनडीए के एक और सहयोगी एलजेपी-आर के मुखिया चिराग पासवान से पूछा गया कि क्या बिहार में सीएम नीतीश कुमार को ही बनना चाहिए? चिराग पासवान ने इस पर चुप्पी तोड़ी है।
प्रचंड जीत के बाद अगला सीएम कौन
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि नीतीश कुमार ही राज्य के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उन्होंने महागठबंधन की करारी हार के लिए तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के अहंकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि एनडीए की एकजुटता में जनता के विश्वास ने इस गठबंधन को प्रचंड जीत दिलाई है।
चिराग पासवान ने बोल दी दिल की बात
चिराग पासवान ने कहा कि बिहार की जनता ने एक बार फिर सही समय पर सही निर्णय लिया। हम बिहार फर्स्ट और बिहारी फर्स्ट की बात करते हैं। इसी पर हमारा फोकस रहता है। अगर यूनाइटेड एनडीए 2020 में भी रहता तो हमारा प्रदर्शन उस समय भी और अच्छा रहता। उस समय ऐसा होता तो आरजेडी तब 25 सीट के पार नहीं जा पाती।
नीतीश फिर सीएम? ये बोले चिराग
बिहार के अगले सीएम को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने दो टूक शब्दों में कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। विपक्ष की शर्मनाक हार का कारण उनका अहंकार है, यही उनके पतन की एकमात्र वजह बनी। हमारी भारी जीत केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई वाले डबल इंजन की सरकार की मजबूती का परिणाम है। बिहार की जनता ने एनडीए साझेदारों की एकता पर पूरा विश्वास जताया है, जिसने हमें यह विजय दिलाई है।
जानें बिहार चुनाव एलजेपी-आर का प्रदर्शन
चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) ने इस बार के विधानसभा चुनाव में 29 सीटों पर दावेदारी की थी। इसमें पार्टी ने 19 सीटें अपने नाम की हैं। उनका स्ट्राइक रेट 65 से 70 पर्सेंट के करीब रहा। चिराग की पार्टी जिन 19 सीटों पर कब्जा जमाया है उनमें से 17 सीट 2020 के चुनाव में महागठबंधन के पास थीं। बीजेपी, जेडीयू के साथ-साथ एलजेपी-आर के प्रदर्शन की वजह से एनडीए इस चुनाव में 200 का आंकड़ा पार करने में सफल रही।












