बलूचिस्तान में फिर हमला, आत्मघाती हमला कर मिलिट्री बेस में घुसे विद्रोही

इस्लामाबाद: बलूच लिबेशन फ्रंट (BLF) ने एक बार फिर पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला किया है। सोमवार को भारी हथियारों से लैस बलूच विद्रोहियों ने बलूचिस्तान के नोशकी जिले में पाकिस्तानी सेना के एक मजबूत मिलिट्री बेस को निशाना बनाया। इसके लिए पहले उन्होंने एक महिला आत्मघाती हमलावर को भेज मिलिट्री बेस की बाहरी सुरक्षा घेरे को नष्ट किया।

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इसके बाद बाकी बचे बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सैनिकों पर भारी गोलीबारी की। बलूच लिबरेशन फ्रंट का दावा है कि गई घंटों तक चली गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के दर्जनों जवान हताहत हुए। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि उसे तीन विद्रोहियों को मार गिराया है और कोई भारी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।

फ्रंटियर कोर के मुख्यालय पर हमला

पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के एक प्रवक्ता ने बताया कि रविवार रात चगाई जिले के नोकुंडी कस्बे में फ्रंटियर कोर (एफसी) के मुख्यालय पर एक आत्मघाती हमलावर द्वारा हमला किए जाने के बाद चरमपंथियों ने वहां घुसने का प्रयास किया। कम से कम छह हमलावरों ने जबरन अंदर घुसने की कोशिश की।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘एफसी क्विक रिएक्शन फोर्स ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और मुख्यालय में घुसने में कामयाब रहे तीन चरमपंथियों को मार गिराया।’’ सूत्रों के अनुसार, बीएलए चरमपंथियों ने पंजगुर के गुरमाकन क्षेत्र में एक अन्य एफसी चौकी को भी निशाना बनाया, जिसके बाद मुठभेड़ हुई। माना जा रहा है इस घटना में कई हमलावर मारे गए लेकिन फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

BLF के साडो बटालियन ने हमले को दिया अंजाम

रेसोनेंट न्यूज ने बताया कि BLF के बयानों के मुताबिक, निशाना सेंट्रल कंपाउंड फॉर फॉरेन स्टाफ था, जो स्ट्रेटेजिक रूप से महत्वपूर्ण सैंदक और रेको दिक माइनिंग प्रोजेक्ट्स से जुड़ा था। ने कहा कि उसके एलीट “साडो ऑपरेशनल बटालियन” (SOB यूनिट) ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। साडो ऑपरेशनल बटालियन BLF की सबसे एलीट और बहुत ज्यादा ट्रेंड स्पेशल-ऑपरेशन विंग है, जो ग्रुप के सबसे मुश्किल, हाई-रिस्क और हाई-प्रोफाइल हमलों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है।

बलूच साडो बटालियन क्या है

साडो, बलूची शब्द जिसका मतलब “गरजना” या “वज्रपात” होता है – अचानक, खतरनाक हमलों की निशानी है। इस विंग में अंदाज़न 40-80 बहुत ट्रेंड लड़ाके हैं। अभी BLF को डॉ. अल्लाह नजर बलूच लीड कर रहे हैं। इसी नाम का एक पुराना ग्रुप 1960-1970 के दशक में शेर मोहम्मद मर्री के अंडर था, लेकिन आज का BLF एक अलग ऑर्गनाइज़ेशन है जिसने बाद में यह नाम अपनाया।

महिला आत्मघाती हमलावर ने सबसे पहले किया अटैक

हमला तब शुरू हुआ जब एक महिला सुसाइड बॉम्बर, जिसकी पहचान BLF ने ज़रीना रफीक उर्फ ट्रानाग माहो के तौर पर की, ने मेन एंट्रेंस गेट में एक गाड़ी से इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (SVBIED) घुसा दिया, जिससे पेरिमीटर टूट गया। इसके तुरंत बाद, बचे हुए छह मिलिटेंट भारी धमाकों और लगातार गोलियों की आवाज के बीच फैसिलिटी पर धावा बोल गए, जिसकी गूंज पूरे इलाके में सुनाई दी। BLF ने दावा किया कि उसके लड़ाके कंपाउंड में घुस गए थे और सिक्योरिटी फोर्स के साथ उनकी करीबी लड़ाई हुई। ग्रुप ने 1 Dec’25 को दावा किया कि हमला अभी भी जारी है। जबकि पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि हमला 30 नवंबर की रात को खत्म हो गया था।

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