यूपी में उपभाेक्‍ताओं को झटका, इस महीने ज्यादा देना होगा बिजली का बिल

 लखनऊ। नवंबर में उपभोग की गई बिजली के लिए इस माह उपभोक्ताओं को 5.56 प्रतिशत ज्यादा बिल देना होगा। बिजली कंपनियां सितंबर माह के ईंधन अधिभार शुल्क के लिए दिसंबर में उपभोक्ताओं से 264 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूलेंगी।

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पावर कारपोरेशन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दिसंबर में राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं से अब तक का सबसे अधिक ईंधन अधिभार शुल्क वसूला जाएगा। सितंबर माह के ईंधन लागत अंतर को समायोजित करते हुए 5.56 प्रतिशत ईंधन अधिभार नवंबर के बिल में जोड़ा गया है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर इस वर्ष लगभग 18,592 करोड़ रुपये सरप्लस निकल रहा है। पहले से भी बिजली कंपनियों पर 33,122 करोड़ रुपये सरप्लस धनराशि उपभोक्ताओं की है। बिजली कंपनियों पर इस समय उपभोक्ताओं का 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक निकल रहा है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से ईंधन अधिभार शुल्क लिया जाना उपभोक्ता हितों के खिलाफ है।

जब उपभोक्ताओं की इतनी बड़ी धनराशि बिजली कंपनियों पर सरप्लस निकल रही है तो ईंधन अधिभार शून्य किया जाना चाहिए या सरप्लस धनराशि से इसे समायोजित किया जाना चाहिए। वर्मा ने कहा कि ट्रांसमिशन में मांग आधारित टैरिफ लागू करते समय दावा किया गया था कि इससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा, लेकिन उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विद्युत नियामक आयोग से पुनर्विचार की मांग करेंगे।

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