रिकॉर्ड तेजी के बाद औंधे मुंह गिरी चांदी, कुछ घंटे में ₹3500 सस्ती

रिकॉर्ड तेजी के बाद चांदी में भारी गिरावट आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार, रात 8.30 बजे चांदी की कीमतों में 1.73 फीसदी के साथ 3593 रुपए (Silver price fall) की कमी आई। खबर लिखे जाने तक 5 मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी 2,03,842 रुपए (silver rate today) पर ट्रेड कर रही थी। ट्रेडिंग के दौरान दिन का हाई लेवल 2,07,060 रुपए और लो लेवल 2,01,676 रुपए (silver price today) प्रति किलोग्राम रहा। पिछले सत्र में यह 2,07,435 रुपए पर क्लोज हुई थी।

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सोने की बात करें तो इसमें 0.44 फीसदी के साथ 595 रुपए की मामूली गिरावट आई। 5 फरवरी 2026 एक्सपायरी वाला 24 कैरेट गोल्ड 1,34,299 रुपए (gold rate today) प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करने लगा। पिछले कारोबारी सत्र के दौरान यह 1,34,894 पर क्लोज हुआ था। ट्रेडिंग के दौरान इसका लो लेवल 1,33,728 रुपए और हाई लेवल 1,34,770 रुपए (gold price today) प्रति 10 ग्राम रहा।

राजधानी दिल्ली में चांदी ने रचा इतिहास

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया। लगातार खरीदारी के दम पर चांदी 1,800 रुपए उछलकर 2,07,600 रुपए प्रति किलो के सर्वकालिक (silver price aal time highr) उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह जानकारी अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने दी। इससे एक दिन पहले, बुधवार को चांदी में 7,300 रुपए की बड़ी तेजी आई थी और पहली बार यह 2,05,800 रुपए प्रति किलो पर बंद हुई थी।

एक साल में कितने बढ़े चांदी के दाम?

अगर पूरे साल का हिसाब देखें तो चांदी की रफ्तार चौंकाने वाली है। 1 जनवरी को 90,500 रुपए प्रति किलो के स्तर से अब तक चांदी 1,17,100 रुपए यानी करीब 129.4 फीसदी महंगी हो चुकी है। बाजार जानकारों का कहना है कि निवेशकों और कारोबारियों की लगातार खरीदारी ने कीमतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

दिल्ली में कितनी हो गई सोने की कीमत? (silver price in delhi)

सोने की बात करें तो घरेलू बाजार में इसकी चाल फिलहाल थमी हुई है। 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,36,500 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रहा। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 0.31 फीसदी गिरकर 4,325.02 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

उतार-चढ़ाव पर क्या बोले एक्सपर्ट?

रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिचर्स एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के मुताबिक, सोना गुरुवार को करीब 4,330 डॉलर प्रति औंस तक फिसला, लेकिन अक्टूबर में बने रिकॉर्ड उच्च स्तर के आसपास टिका रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें और जारी भू-राजनीतिक तनाव सोने को समर्थन दे रहे हैं।

वैश्विक बाजारों में चांदी में हल्की गिरावट देखी गई। हाजिर चांदी 0.25 फीसदी घटकर 66.04 डॉलर प्रति औंस रह गई। हालांकि पिछले सत्र में यह 3.13 डॉलर यानी 4.91 फीसदी की तेजी के साथ 66.88 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। साल की शुरुआत 2 जनवरी 2025 को 29.56 डॉलर प्रति औंस से अब तक चांदी 37.32 डॉलर यानी 126.3 फीसदी चढ़ चुकी है।

आखिर क्यों बढ़ रही चांदी की डिमांड?

जिगर त्रिवेदी के अनुसार, इस साल चांदी में करीब 130 फीसदी सालाना तेजी आई है। इसके पीछे घटता भंडार, मजबूत खुदरा मांग और औद्योगिक जरूरतें बड़ी वजह हैं। खास तौर पर सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और डेटा सेंटर सेक्टर से मांग तेजी से बढ़ी है। विश्लेषकों का कहना है कि चांदी बाजार में लगातार पांचवें साल आपूर्ति की कमी बनी हुई है और आने वाले समय में भी यही रुझान रहने की संभावना है।

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