भारतीय सेना के ध्रुव हेलीकाप्टर में अब आम नागरिक करेंगे सफर

नई दिल्ली। अब तक सिर्फ सशस्त्र बलों की जरूरतें पूरी करने वाले ध्रुव हेलीकाप्टर में अब आम नागरिक भी सफर कर सकेंगे। इसका मकसद मेडिकल इमरजेंसी, पर्यटन, दूरदराज के इलाकों की कनेक्टिविटी और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में हेलीकाप्टर सेवाओं को बढ़ाना है।

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हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा बनाए गए तथा कई भूमिकाओं को अंजाम देने वाले नई पीढ़ी के इस हेलीकाप्टर के नागरिक संस्करण की पहली उड़ान को नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने मंगलवार को हरी झंडी दिखाई और इसे देश की क्षमता का प्रतीक बताया।

पहली उड़ान देखने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि यह घटना ‘भारतीय विमानन इतिहास में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मील का पत्थर’ है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए डिजाइनरों, इंजीनियरों, टेक्नीशियनों और एचएएल के पूरे वर्कफोर्स को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि एचएएल लंबे समय से एक ऐसे साइकिल की तरह काम कर रहा था जिसका एक पहिया यानी डिफेंस ज्यादा मजबूत था, लेकिन अब यह एक बैलेंस्ड आर्गनाइजेशन बन रहा है जो दो बराबर पहियों – डिफेंस और सिविल एविएशन – पर चल रहा है।

उन्होंने कहा, ‘नागरिक उड्डयन मंत्री के तौर पर यह मेरे लिए खासकर गर्व का पल है।’ यह घटनाक्रम स्वदेशी एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में भारत के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिक उड्डयन बाजार की मांगों को पूरा करने के लिए एचएएल द्वारा डिजाइन और निर्मित है बहुउद्देशीय हेलीकाप्टर ध्रुव सिर्फ एक मशीन नहीं है, बल्कि यह भारत की काबिलियत, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर भारत के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इसे खास तौर पर वैश्विक नागरिक उड्डयन बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी अपग्रेड किया गया है। उड्डयन क्षेत्र में भारत की तेजी से बढ़ती विकास यात्रा का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि आम नागरिक के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाने के प्रधानमंत्री के विजन की वजह से देश आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू उड्डयन बाजार बन गया है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि अनुमान है कि अगले 10 से 15 वर्षों में हम 1,000 से ज्यादा हेलीकाप्टर जोड़ेंगे, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी उड़ान योजना – उड़े देश का आम नागरिक – से संभव होगा।

ध्रुव हेलीकाप्टर की इस नई पीढ़ी की कुछ अहम बातें

  • बेहतर सुरक्षा एवं यात्रियों के आराम की दृष्टि से डिजाइन किया गया है।
  • दो ‘शक्ति इंजन’ से लैस भारत में ही इंटरनल मेंटेनेंस की सुविधा देता है।
  • इसमें विश्व-स्तरीय प्रमाणित ग्लास काकपिट, माडर्न एवियोनिक्स सूट भी।
  • सुरक्षा और भरोसे के मामले में क्रैशप्रूफ सीटें, सेल्फ-सीलिंग फ्यूल टैंक।
  • वीआइपी व मेडिकल ट्रांसपोर्ट के लिए एडवांस्ड वाइब्रेशन कंट्रोल सिस्टम।

 

आंकड़ों में इस नेक्स्ट-जेनरेशन सिविल हेलीकाप्टर के फीचर्स

  • इसका अधिकतम टेक-आफ वजन 5,500 किलोग्राम है।
  • इसकी अधिकतम स्पीड लगभग 285 किमी प्रति घंटा है ।
  • 20 मिनट के रिजर्व के साथ इसका रेंज करीब 630 किमी।
  • एंड्योरेंस यानी लगातार तीन घंटे 40 मिनट उड़ने में सक्षम।
  • सर्विस सीलिंग 6,000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम।
  • इंटरनल पेलोड लगभग 1,000 किलो ले जाने की क्षमता।
  • कतिपय कामों के लिए 7.33 क्यूबिक मीटर का केबिन भी।
  • अधिकतम क्षमता 14 यात्री, छह के लिए लग्जरी फर्नीचर।
  • इसमें इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के लिए चार स्ट्रेचर भी।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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