परीक्षा पे चर्चा: मोदी बोले- टेक्नोलॉजी का गुलाम न बने: क्षमता विकसित करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें एडिशन के दूसरे एपिसोड में देशभर से आए छात्रों से मुलाकात कर रहे हैं। पीएम मोदी कोयंबटूर से छत्तीसगढ़ पहुंचे और बच्चों से बात की। इसके बाद पीएम असम के अष्टलक्ष्मी पहुंचे। पीएम ने कहा कि कभी भी टेक्नोलॉजी का गुलाम नहीं बनना चाहिए। तकनीक का इस्तेमाल क्षमता बढ़ाने में करें।

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एक स्टूडेंट ने पूछा कि वैकेशन में हमें अलग-अलग जगह जाने का मन करता है, हम कहां जाएं?

इस पर पीएम मोदी ने कहा कि एक लिस्ट बनाओ आपकी तहसील में क्या है, जहां घूम सकते हैं, इसी तरह पूरे देश की लिस्ट बनाएं। जहां भी घूमें, एक स्टूडेंट की नजर से घूमें।

पीएम बोले- पहले निडर बनो, फिर लिडर बन जाओगे। पहले निडर बनो, जो काम है मन में तय करिए कि कोई करे या ना करे मैं करुंगा। जब ये आ जाएगा तो आप देखेंगे कि अपने आप लीडरशिप आनी शुरू हो जाएगी। मान लीजिए कहीं कुड़ा-कचरा है। वो आपने उठा लिया। तो आपके साथ जो चार लोग चलेंगे तो वो भी आपको देखेंगे।

स्टूडेंट- पहलगाम हमले के बाद पूरा देश आपकी तरफ देख रहा था, तब अपने तनाव को कैसे हैंडल किया पीएम मोदी- आप अपनी परीक्षा पर ध्यान देंगे तो समझ आएगा, प्रैक्टिस सबसे जरूरी है, इससे तनाव नहीं आएगा और आप सफल होंगे

6 फरवरी को पहले एपिसोड में मोदी ने दिल्‍ली स्थित पीएम आवास पर बच्‍चों से चर्चा की थी। असम के गमछे पहने थे और उनके सवालों के जवाब भी दिए थे। पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स को विदेशी चीजें छोड़कर स्‍वदेशी चीजें अपनाने की सलाह दी थी। साथ ही उनसे कहा था कि वो 25 साल में विकसित भारत बनाने को अपना सपना बनाएं।

27 जनवरी को परीक्षा पे चर्चा के 9वें एडिशन का वीडियो रिलीज हुआ था, जिसमें पीएम अलग-अलग लोकेशन पर बच्चों से सवाल-जवाब करते नजर आए थे।

पहले एपिसोड की चर्चा की 5 बड़ी बातें…

  1. विकसित भारत को अपना सपना बनाएंपीएम बोले- जब आजादी के 100 साल पूरे होंगे तब आप लोग 39-40 साल के होंगे। आपको अभी से विकसित भारत को अपना सपना बनाना चाहिए। भगत सिंह आजादी का सपना दिल में रखकर फांसी पर झूल गए। जो आजादी से 25 साल पहले, 30 साल पहले बलिदान किए गए, उसी से आजादी मिली। अपना सपना बनाएं कि विकसित भारत के लिए मुझे क्‍या करना है।
  2. खुद पर भरोसे से भगाएं कोई भी डरस्‍टूडेंट ने सवाल किया कि प्रेजेंटेशन देते समय मैं घबरा जाता हूं। इस डर को कैसे भगाऊं?पीएम ने कहा- कभी देखा है कि फुटपाथ पर कोई गरीब महिला भी जब टीवी पर किसी घटना के बारे में बताती है तो कितने आत्‍मविश्‍वास से बात करती है। क्‍या उसने इंटरव्‍यू की कोई प्रैक्टिस की है? नहीं। उसका आत्‍मविश्‍वास आता है सच्‍चाई है। उसे पता है कि उसने जो देखा वही कहना है। आप भी अपने किए हुए पर भरोसा रखें तो प्रेजेंटेशन का डर भाग जाएगा।
  3. देश की अमर कहान‍ियों पर गेम बनाओगोवा के श्रीजीत गाडगिल ने सवाल किया, मेरा गेमिंग में बहुत इंटरेस्‍ट है। मगर पेरेंट्स नहीं समझते। मैं क्‍या करूं। पीएम ने जवाब दिया- भारत देश कहानियों से भरा हुआ है। आप खुद के गेम बनाओ। पंचतंत्र की कहानियों पर गेम बनाओ। अभिमन्‍यु की कहानी पर गेम बनाओ और अपनी वेबसाइट बनाकर उसपर लॉन्‍च करो। धीरे-धीरे देखोगे कि कितने लोग तुम्‍हारे गेम्‍स खेल रहे हैं।
  4. मार्क्‍स-मार्क्‍स की बीमारी से बचोएक स्‍टूडेंट के सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा- पता नहीं ये मार्क्‍स- मार्क्‍स की बीमारी कैसे फैल गई है। आप लोगों को पिछले साल के टॉप 1 से 10 तक के नाम याद हैं क्‍या? ये उप्‍लब्धि तो कुछ देर के लिए होती है। हमें ये देखना चाहिए कि पढ़ाई से हमारे जीवन पर क्‍या असर हुआ है। न कि ये कि हमारे मार्क्‍स कितने आए हैं।
  5. स्किल या मार्क्‍स में से एक के पीछे न भागोएक स्‍टूडेंट ने पीएम से सवाल किया कि स्किल जरूरी है या मार्क्‍स? पीएम मोदी ने कहा कि इस सवाल का कोई सही जवाब नहीं है। अगर एक तरफ झुकोगे तो गिरोगे ही। जीवन में स्किल की जरूरत तो होगी ही और स्‍टूडेंट होने के नाते मार्क्‍स लाने भी जरूरी हैं। सही जवाब है कि दोनों के बीच संतुलन चाहिए।

परीक्षा पे चर्चा के वीडियो के कुछ मोमेंट्स…

तस्वीर में एक बच्चा पीएम मोदी को असम का गमोछा पहनाता दिखा।
तस्वीर में एक बच्चा पीएम मोदी को असम का गमोछा पहनाता दिखा।
तस्वीर में पीएम मोदी छात्रों की बनाई पेंटिंग्स देखते नजर आ रहे हैं।
तस्वीर में पीएम मोदी छात्रों की बनाई पेंटिंग्स देखते नजर आ रहे हैं।

‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई

परीक्षा पे चर्चा छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षाओं, तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल पर चर्चा करने वाला मंच है। शिक्षा मंत्रालय ने पहले एक ऑफिशियल बयान में कहा था कि पिछले कुछ सालों में यह पहल एक जन आंदोलन बन गई है, जो स्टूडेंट्स को आत्मविश्वास, पॉजिटिविटी और एक कंस्ट्रक्टिव सोच के साथ एग्जाम देने के लिए प्रोत्साहित करती है।

‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। इसका मकसद बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के तनाव को कम करना, उन्हें मोटिवेशन देना और परीक्षा को फेस्टिवल की तरह लेने का संदेश देना था। पहला एडिशन 16 फरवरी 2018 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था।

8वें एडिशन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था

परीक्षा पे चर्चा का 8वां एडिशन 10 फरवरी 2025 को टेलीकास्ट किया गया था। यह बातचीत नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में इनोवेटिव फॉर्मेट में आयोजित की गई थी।

इसमें हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के 36 छात्रों ने हिस्सा लिया था, जो सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों, CBSE स्कूलों और नवोदय विद्यालयों से थे।

इस चर्चा ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 245 से ज्यादा देशों के छात्रों, 153 देशों के शिक्षकों और 149 देशों के अभिभावकों ने भाग लिया था।

2018 में पहले एडिशन में सिर्फ 22 हजार प्रतिभागी थे, जो 2025 में 8वें एडिशन तक रजिस्ट्रेशन बढ़कर 3.56 करोड़ हो गया था।

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