नई दिल्ली। भारत में एआई के ढांचागत विकास और इस क्षेत्र में उसके सिरमौर बनने के सरकार के सपने को पूरा करने की दिशा में इंडिया एआई इंपैक्ट समिट-2026 मील का पत्थर बनता दिख रहा है। सम्मेलन के तीसरे ही दिन देश-दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों ने निवेश के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है। ये कंपनियां एआई के क्षेत्र में भारत को एक बड़े केंद्र के रूप में देख रही हैं।
एआई में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए गूगल, माइक्रोसाफ्ट, क्वालकॉम, एनवीडिया जैसी दिग्गज कंपनियों ने भारी निवेश का वादा किया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत की एआई क्षमता पर बड़ा दांव लगाते हुए बुधवार को भारत और अमेरिका के बीच एआई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए नए सब-सी केबल रूट की घोषणा की। साथ ही उन्होंने दो करोड़ सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और 1.1 करोड़ छात्रों को सहायता देने की भी घोषणा की।
समिट में शामिल होने आए पिचाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आंध्र प्रदेश के विजाग में हाल ही में घोषित 15 अरब डॉलर के एआई हब में एक गीगावाट-स्केल कंप्यूट फैसिलिटी और एक इंटरनेशनल सब-सी केबल गेटवे होगा।

माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने एक्स पर कहा, ”माइक्रोसाफ्ट इस दशक के आखिर तक ग्लोबल साउथ के देशों में एआई लाने में सहायता के लिए 50 अरब डॉलर निवेश करने जा रहा है। हमारा पांच चरण का कार्यक्रम एआई को बड़े पैमाने पर हकीकत में तब्दील करने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि लोगों के पास एआई को एक्सेस करने, उस पर भरोसा करने और उसे स्थानीय प्राथमिकताओं पर लागू करने के लिए आवश्यक चीजें हों और वे प्रगति को ट्रैक कर सकें।”
“इसमें भारत में वर्ष 2025 में 56 लाख लोगों को और 2030 तक दो करोड़ भारतीयों को प्रशिक्षत करने का लक्ष्य शामिल है। इसमें माइक्रोसाफ्ट एलिवेट फॉर एजुकेटर्स के जरिये दो लाख से अधिक स्कूलों में 20 लाख अध्यापकों की सहायता करना शामिल है।”
कंपनी ने कहा कि उसने पिछले वित्तीय वर्ष में ग्लोबल साउथ को सेवा देने वाले डाटासेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में आठ अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया, जिनमें भारत, मैक्सिको, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिणपूर्व एशिया और पश्चिम एशिया के देश शामिल हैं। ग्लोबल चिप कंपनी क्वालकॉम इनकॉरपोरेटेड ने कहा कि वह भारत में तेजी से बढ़ते टेक्नोलॉजी और एआई स्टार्टअप ईकोसिस्टम की मदद के लिए 15 करोड़ डॉलर या लगभग 1,360 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह निवेश क्वालकॉम वेंचर्स के जरिये किया जाएगा और सभी स्तर के स्टार्टअप्स में किया जाएगा, जिनमें ऑटोमोटिव, आइओटी, रोबोटिक्स और मोबाइल के लिए एआई पर खास फोकस होगा। योट्टा डाटा सर्विसेज ने बताया कि वह राजधानी दिल्ली के ठीक बाहर बन रहे एआई कंप्यूटिंग हब में एनवीडिया के लेटेस्ट चिप्स पर दो अरब डॉलर से अधिक खर्च करेगी।
कंपनी ने कहा कि वह अगस्त तक 20,736 लिक्विड-कूल्ड एनवीडिया ब्लैकवेल अल्ट्रा जीपीयू (या चिप्स) लगाने की योजना बना रही है। इससे भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो जाएगा देगा जो अग्रणी स्तर के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर होस्ट करने में सक्षम हैं। योट्टा भारत में तीन डाटा सेंटरों का संचालन करती है।
पीएम मोदी करेंगे समिट का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को एआई इंपैक्ट समिट का सुबह 10 बजे उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी लोगों को संबोधित करेंगे। इस दौरान दर्जनभर से अधिक देशों के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री उपस्थित रहेंगे। शाम को प्रधानमंत्री वैश्विक स्तर की कंपनियों के सीईओ के साथ राउंड टेबल सम्मेलन में भाग लेंगे।
इलेक्ट्रनिक्स एवं आइटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि गुरुवार को एआई इंपैक्ट समिट लोगों के लिए बंद रहेगी। गुरुवार को सिर्फ वही व्यक्ति समिट में आ सकेंगे जिनके पास आमंत्रण पत्र होगा। इसकी जगह सरकार ने एआई समिट को 21 फरवरी को भी जारी रखने का फैसला किया है। इस दिन लोग एआई एक्सपो में सुबह आठ से शाम आठ बजे तक आ सकेंगे। पहले समिट 20 फरवरी को समाप्त हो रही थी।
भारत-भूटान की मित्रता आपसी विश्वास, सद्भावना पर आधारित : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत-भूटान मित्रता आपसी विश्वास और सद्भावना में निहित है। यह दोनों देशों के बीच साझेदारी को नए और परिवर्तनकारी क्षेत्रों में निर्देशित करती रहती है।
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के साथ बैठक के बाद मोदी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के साथ बैठक उत्कृष्ट रही। हमने चर्चा की कि कैसे वैश्विक भलाई के लिए और स्थिरता के सिद्धांतों के अनुरूप एआइ की शक्ति का उपयोग कर सकते हैं।’
मोदी को अपना बड़ा भाई बताते हुए भूटान के प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत में ग्लोबल साउथ के पहले एआइ शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए बधाई दी। तोबगे यहां चल रहे एआइ समिट में भाग लेने के लिए आए हैं।













