नई दिल्ली। अमेरिकी स्टील्थ बमवर्षक विमानों के ब्रिटेन के हवाई अड्डों पर पहुंचने की आशंका बढ़ गई है, ठीक उसी समय जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को “बड़ा हमला” या “बड़ी लहर” की चेतावनी दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षक जल्द ही ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड (ग्लूस्टरशायर) और भारतीय महासागर में डिएगो गार्सिया बेस पर उतर सकते हैं, जहां से अमेरिका-इजरायल संयुक्त अभियान को और मजबूती मिलेगी।
द टेलीग्राफ और फॉक्स न्यूज जैसी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने शुरुआत में अमेरिकी अनुरोध को ठुकरा दिया था, लेकिन ईरान की जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद उन्होंने सीमित रक्षात्मक उद्देश्यों—ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल साइटों को नष्ट करने—के लिए ब्रिटिश बेस इस्तेमाल की अनुमति दे दी। यह फैसला कुछ दिनों पहले लिया गया, और बी-2 जैसे महंगे (प्रति विमान लगभग 2 अरब डॉलर) विमान “कुछ दिनों में” पहुंच सकते हैं।
ट्रंप ने सोमवार को कहा, “हमने अभी तक उन पर कड़े प्रहार शुरू भी नहीं किए हैं। बड़ी लहर अभी आई नहीं है, बड़ी लहर जल्द आने वाली है।” उन्होंने ईरान पर हमले तेज करने की कसम खाई, जबकि युद्ध अब अपने सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटिश बेस की मदद से तेहरान पर हमलों की ताकत में “भारी वृद्धि” होगी, जिसमें अधिक बमवर्षक, लड़ाकू विमान और लगातार हमले शामिल हैं।
इजरायली सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने शुक्रवार को कहा कि संयुक्त अभियान का अगला चरण शुरू हो रहा है, जिसमें ईरान की सैन्य क्षमताओं और शासन की नींव को और नष्ट किया जाएगा। उन्होंने “और भी चौंकाने वाली बातें” होने का संकेत दिया, लेकिन विवरण नहीं दिए।
हिजबुल्लाह ने आधी रात से इजराइल पर 70 रॉकेट दागे
इजराइल ने दावा किया है कि हिजबुल्लाह ने आधी रात के बाद से उसकी ओर करीब 70 रॉकेट दागे हैं। इजराइली सेना के मुताबिक इनमें से कई रॉकेट दक्षिणी लेबनान से लॉन्च किए गए।
इजराइल का दावा है कि इस सप्ताह लेबनान में शुरू किए गए हमलों के बाद उसकी सेना ने पूरे देश में 500 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है और 70 हिजबुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया है।
वहीं लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सोमवार से इजराइली हमलों में अब तक 217 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई नागरिक शामिल हैं।
इजराइली हमलों से लेबनान से 50 हजार सीरियाई भागे
इजराइल के हमलों के बाद लेबनान से करीब 50 हजार सीरियाई शरणार्थी पलायन कर चुके हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र की इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) ने दी है।
पिछले साल सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने से पहले लेबनान में 10 लाख से ज्यादा सीरियाई शरणार्थी रह रहे थे। ये लोग सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान अपने देश से भागकर लेबनान पहुंचे थे।
ईरान ने नौसैनिकों के रेस्क्यू के लिए श्रीलंका को धन्यवाद दिया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरानी नौसैनिकों को बचाने के लिए श्रीलंका का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि युद्धपोत डूबने के बाद श्रीलंका ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर नाविकों की जान बचाई।
अराघची ने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ से बातचीत में इस मदद के लिए आभार जताया। हिंद महासागर में अमेरिकी हमले के बाद ईरान का एक युद्धपोत डूब गया था। इसके बाद श्रीलंकाई नौसेना ने समुद्र में फंसे ईरानी नौसैनिकों को बचाने के लिए बचाव अभियान चलाया।
ईरान ने कहा कि संकट के समय श्रीलंका की मदद सराहनीय है और इसके लिए वह श्रीलंका सरकार और वहां की नौसेना का आभारी है।
ट्रम्प बोले- ईरान बिना शर्त सरेंडर करे, तभी समझौता करेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा, जब तक वह बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करता। ट्रम्प ने यह बयान सोशल मीडिया पोस्ट में दिया।
ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ किसी भी तरह की डील तभी संभव है जब वह “अनकंडीशनल सरेंडर” करे। इसके बाद एक ‘बेहतरीन नेतृत्व’ चुना जाएगा।
इराक के बसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला
इराक के बसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ड्रोन से निशाना बनाया गया है। यह जानकारी अलजजीरा ने इराकी सूत्रों के हवाले से दी है। इसके पीछे किसका हाथ है यह अभी साफ नहीं है।













