नई दिल्ली: ब्रिटेन में रह रहे दिग्गज शराब कारोबारी विजय माल्या पर हजारों करोड़ रुपये के गबन का आरोप है और भारत सरकार ने भगोड़ा घोषित कर रखा है। लेकिन माल्या ने उन्हें भगोड़ा कहने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वह ब्रिटेन के नागरिक हैं और वहां की सरकार ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा रखी है। माल्या पर कई बैंकों से लिए गए करीब 9,900 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने का आरोप है। इनमें सबसे बड़ा कर्ज एसबीआई का है। वह मार्च 2016 में विदेश भाग गए थे।
माल्या ने अपनी सफाई में एक्स पर कई पोस्ट किए हैं। उन्होंने कहा, ‘जो लोग कहते हैं कि मैं भारत आने से इनकार करने वाला भगोड़ा हूं, उन्हें बता दूं कि मैं 1992 से यूनाइटेड किंगडम का स्थायी निवासी हूं और अभी कानूनी तौर पर मुझे इस देश से बाहर जाने की मनाही है। यह सब भारत सरकार की ‘पोस्टर बॉय’ वाली हरकतों से शुरू हुआ, जिन्होंने मेरे मामले में बहुत अन्यायपूर्ण रवैया अपनाया है।’
रिफंड की डिमांड
माल्या ने एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि उन पर बैंकों को कोई बकाया नहीं है बल्कि उन्हें रिफंड चाहिए। माल्या ने कहा, ‘जो लोग निष्पक्ष और सही हिसाब-किताब और न्याय में विश्वास रखते हैं, वे कृपया नीचे दी गई तालिका देखें। क्या मैं सच में उस बर्ताव का हकदार हूं जो मीडिया मेरे साथ करता है, जहां किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज कहा जाता है? क्यों न यह पूछा जाए कि मुझे मेरा रिफंड कब मिलेगा?’
उन्होंने कहा कि 19 जनवरी 2017 तक उन पर 10,230.58 करोड़ रुपये का बकाया था जबकि 2 फरवरी 2021 तक उनकी 14,131.60 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। माल्या ने दावा किया की खुद ईडी ने हाल में यह बात बताई है। इस तरह उनसे 3,901.02 करोड़ रुपये ज्यादा वसूले गए हैं। 11.5 फीसदी के सालाना ब्याज के साथ यह राशि अब 6,722.86 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
ईडी का हलफनामा
माल्या ने कहा, ‘ED ने बॉम्बे हाई कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। इसमें पैरा 7 में कोर्ट द्वारा तय किए गए कर्ज का जिक्र है और पैरा 17 में 2021 में 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली दिखाई गई है!! 5 साल बाद भी मुझे एक ऐसे धोखेबाज के तौर पर देखा जाता है जिसने बैंकों के साथ धोखाधड़ी की।’
एक अन्य पोस्ट में माल्या ने कहा, ‘जो लोग मुझ पर शक करते हैं, वे खुद इस बात की पुष्टि कर लें कि ED ने मेरे अटैच किए गए फंड से किंगफिशर के कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए 350 करोड़ रुपये से ज्यादा जारी किए थे। मैं भुगतान नहीं कर पाया क्योंकि ED ने मेरी संपत्ति/फंड अटैच कर लिए थे।’










