लखनऊ। अयोध्या मामले का फैसला पहले ही आ चुका है और जमीन हिन्दुओं को मिल चुकी है लेकिन विवादित ढांचा ढहाने के मामले में अब कोर्ट की कार्रवाई हो रही है। कई आरोपियों का बयान दर्ज किया जा चुका है। अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले अपना बयान दर्ज कराने आरोपित साध्वी ऋतंभरा सीबीआइ की विशेष अदालत पहुंची हैं।
साध्वी ऋतंभरा ने 1992 में ढांचा ध्वंस मामले में कहा कि वह इस मामले में दोषी नहीं हैं। उस वक्त एक राष्ट्रीय आंदोलन खड़ा हुआ था। जिसमें लोगों के भीतर अपनी वर्षों की मानसिक गुलामी से आजाद होने की भावना थी। जिसके परिणाम स्वरूप वह सब कुछ हुआ। वह इस मामले में दोषी नहीं है।
बता दें, बीते शुक्रवार को आरोपित पवन पांडेय का बयान दर्ज होना था। लेकिन वह नहीं पहुंचे। उनके वकील ने न्यायालय में बीमारी को लेकर प्रार्थना पत्र दिया था। वहीं, लिहाजा उनके वकील ने बताया कि बुखार आने के चलते पवन पांडेय कोर्ट में नहीं उपस्थित नहीं हो सके। लिहाजा, अदालत ने आदेश दिया है कि जब भी उन्हें तलब किया जाएगा। वह अदालत में उपस्थित होंगे।
कोरोना मामलों की बढ़त के चलते शारीरिक दूरी का भी विशेषध ध्यान कोर्ट में रखा जा रहा है। वहीं, कोर्ट में बीमार व वृद्ध आरोपित का बयान दर्ज किए जाने को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग सिस्टम लगवा दिया गया।













