लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लालगंज, रायबरेली में पुलिस कस्टडी में पुलिस की बेरहमी से की गई पिटाई से दलित युवक की हत्या और यूपी में जगह-जगह हो रही दलितों की हत्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी की एससी-एसटी विंग ने राजधानी लखनऊ में जीपीओ, हजरतगंज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठकर सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। इसी बीच पुलिस और कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक हो गई, जिसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।
एससीएसटी विंग के प्रदेश महासचिव इंद्रेश सोनकर ने कहा कि योगी सरकार के राज में उत्तर प्रदेश दलितों के लिए कब्रगाह बन चुका है। आए दिन दलितों की हत्या की जा रही हैं। लालगंज रायबरेली में एक दलित युवक को पुलिस ने अवैध तरीके से 3 दिन तक कस्टडी में रखा और बेरहमी से पिटाई की जिसके दौरान उस दलित युवक की मौत हो गई।
आगरा में दलित परिवार के पति, पत्नी और उसके बेटे की हत्या कर दी गई और शव को जलाने का प्रयास किया गया। लखीमपुर में एक दलित बच्ची से गैंगरेप कर आंखें निकालकर बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या कर दी गई।
प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया रायबरेली लालगंज में मृतक के परिवार से सोमवार को यूपी प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह मिलने गए थे उन्होंने सरकार से मांग की है पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित किया जाए दोषी पुलिसकर्मियों के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज हो और पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिया जाए।













