अमेरिका में नहीं रुक रहे भारतीयों पर हमले, गुजराती महिला की हत्या

नई दिल्ली। अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना में एक नकाबपोश बंदूकधारी ने दुकान में घुसकर गुजराती महिला व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी। महिला आणंद जिले के बोरसद कस्बे की रहने वाली थी।

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दक्षिण कैरोलिना में करीब दो दशक से भी अधिक समय से रह रही किरण बेन पटेल रात को स्टोर बंद करने से पहले कैश गिन रही थी। इसी दौरान एक नकाबपोश बंदूकधारी वहां पहुंचा ओर उसने महिला को निशाना बनाते हुए गोली चलाई। महिला ने बचने का प्रयास करते हुए स्टोर से बाहर निकलकर भागने लगी, लेकिन बंदूकधारी भी उसके पीछे भागते हुए उसे एक-एक कर आठ गोलियां मारी।

23 साल से अमेरिका में रह रही थीं गुजराती महिला

किरण बेन का पुत्र ब्रिटेन में तथा पुत्री कनाडा में रहती है। महिला 23 वर्ष से अमेरिका में रहकर स्टोर का संचालन कर रही थी। महिला की मौत से बोरसद के सिस्वा गांव में उसके परिवार काफी दुखी हैं तथा भारतवंशी लोगों पर बढ़ते जातीय हमले पर रोष जताया है।

अमेरिका में मारे गये युवक ने लगाया था नस्लीय भेदभाव का आरोप

अमेरिका में पुलिस द्वारा मारे गये तेलंगाना के युवक ने नस्लीय घृणा और भेदभाव का आरोप लगाया था। महबूबनगर जिले के मोहम्मद निजामुद्दीन की अमेरिका में अपने रूममेट के साथ झगड़े के बाद पुलिस द्वारा कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में निजामुद्दीन ने कहा था कि मैं नस्लीय घृणा, नस्लीय भेदभाव, नस्लीय उत्पीड़न, यातना, वेतन-धोखाधड़ी, गलत तरीके से नौकरी से निकाले जाने और न्याय में बाधा डालने का शिकार रहा हूं।

आज मैंने तमाम मुश्किलों के बावजूद अपनी आवाज उठाने का फैसला किया, कार्पोरेट तानाशाहों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए और इसमें शामिल सभी लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। निजामुद्दीन के पिता मोहम्मद हसनुद्दीन ने बताया कि बेटे की मौत तीन सितंबर को हुई थी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में क्या हुआ था। जबकि, कैलिफोर्निया के सांता क्लारा पुलिस द्वारा जारी एक वीडियो के अनुसार, उन्हें दो रूममेट्स के बीच हुए झगड़े की सूचना पर 911 मिली थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्हें सूचना मिली कि मामला बिगड़ गया है और संदिग्ध ने पीडि़त को चाकू मारकर जमीन पर गिरा दिया है।

जब संदिग्ध ने पुलिस की दिए आदेशों का पालन नहीं किया तो पुलिस ने गोली चलाई। संदिग्ध को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक के पिता ने केंद्र से अपील की है कि वह वॉशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास और सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास से उनके बेटे के पार्थिव शरीर को महबूबनगर लाने में मदद करने का आग्रह करें।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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