भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को लखनऊ के 14 समेत उत्तर प्रदेश के 121 पंजीकृत राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। ये वे दल हैं जिन्होंने वर्ष 2019 से अब तक लगातार छह साल में न तो विधानसभा और न ही लोकसभा का चुनाव लड़ा है। आयोग के आदेश के बाद इन दलों के पास अब न तो चुनाव चिह्न होगा, न ही उन्हें आयकर छूट या अन्य वैधानिक लाभ मिल सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया- यह कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29बी और 29सी, आयकर अधिनियम 1961 और चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश 1968 के प्रावधानों के तहत की गई है। उन्होंने कहा- यदि कोई दल इस फैसले से असहमत है तो आदेश की तिथि से 30 दिन के भीतर भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली में अपील कर सकता है।
देखिए लिस्ट…

51 जिलों में रजिस्टर पतों पर मौजूद 121 दल
सूत्रों के मुताबिक सूची से हटाए गए दलों की जिलेवार जानकारी आयोग ने सार्वजनिक कर दी है। 51 जिलों में रजिस्टर पतों पर मौजूद 121 दलों के नाम सूची से बाहर किए गए हैं। इस कदम को निर्वाचन आयोग की फर्जी या निष्क्रिय राजनीतिक दलों पर कार्रवाई कर राजनीतिक परिदृश्य को पारदर्शी बनाने की कवायद माना जा रहा है।













