धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ देखकर भावुक हुए अनिल शर्मा

मुंबई । जब पूरा फिल्म जगत नए साल की तैयारियों में लगा है, इस बीच धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ की चर्चा जोरों पर है। 29 दिसंबर को मुंबई में फिल्म की एक खास स्क्रीनिंग रखी गई, जिसमें सलमान खान, सनी देओल, बॉबी देओल और रेखा जैसी जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। इस स्क्रीनिंग के बाद फिल्म को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस कड़ी में दिग्गज अभिनेता, निर्देशक और लेखक अनिल शर्मा और कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने दिल छू लेने वाला पोस्ट साझा किया। फिल्म देखने के बाद अनिल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”जब मैंने धर्मेंद्र जी को पर्दे पर देखा तो मेरा दिल भर आया। उन्हें नम आंखों से देखना एक अलग ही एहसास था। धर्मेंद्र ने फिल्म में ऐसा अभिनय किया है, जिसमें गरिमा भी है और गहराई भी। उनके जैसे कलाकार बहुत कम होते हैं जो बिना ज्यादा बोले भी बहुत कुछ कह जाते हैं।”
अनिल शर्मा ने फिल्म की टीम को बधाई दी और कहा, ”मेकर्स, टेक्नीशियन और उन कलाकारों को बधाई, जिन्होंने फिल्म बनाने में मदद की। धर्मेंद्र जी हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगे। अगस्त्य नंदा का अभिनय भी सच्चा और असरदार था।”
अनिल शर्मा के अलावा कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने भी ‘इक्कीस’ को लेकर अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने लिखा, ”मैंने ‘इक्कीस’ देखी, यह फिल्म दिल से बनी है। कहानी सीधी और प्रभावशाली है। यह खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक मन में बनी रहती है।”
मुकेश छाबड़ा ने धर्मेंद्र के अभिनय को बेहद गरिमापूर्ण बताया और कहा कि अगर यह उनकी आखिरी फिल्म है, तो इससे बेहतर विदाई नहीं हो सकती। उन्होंने जयदीप अहलावत के काम की भी तारीफ की और फिल्म को उम्मीद से कहीं ज्यादा खास बताया।
मुकेश छाबड़ा ने फिल्म के युवा कलाकारों पर भी बात की। उन्होंने लिखा, “अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया, दोनों ही स्क्रीन पर बहुत सहज और खूबसूरत लगे। उनकी प्यारी आंखें और मनमोहक केमिस्ट्री कमाल की थी। अगस्त्य की मासूमियत और ईमानदारी सचमुच चमक उठी। विवान शाह और सिकंदर खेर का काम भी शानदार था, और सबसे बढ़कर निर्देशक श्रीराम राघवन सर ने एक बार फिर दिल को छू लिया। उन्होंने सच्ची कहानी को बड़े सादे अंदाज में पेश किया है।”
फिल्म ‘इक्कीस’ की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है। यह एक वॉर ड्रामा है, जो सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी दिखाती है। अरुण खेत्रपाल परमवीर चक्र विजेता थे। उन्होंने सिर्फ 21 साल की उम्र में देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। इसी वजह से फिल्म का नाम ‘इक्कीस’ रखा गया है। फिल्म में अरुण खेत्रपाल की भूमिका अगस्त्य नंदा निभा रहे हैं, जबकि धर्मेंद्र उनके पिता के किरदार में हैं।
पहले यह फिल्म 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसकी रिलीज डेट बदलकर 1 जनवरी 2026 कर दी गई है।
–आईएएनएस

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