तेल अवीव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजरायल की संसद (नेसेट) को संबोधित करते हुए दोनों देशों के रिश्ते पर बात की है। पीएम मोदी ने हमास का नाम लेते हुए इजरायल पर हुए 7 अक्टूबर के हमले की खुलकर निंदा की। हालांकि उन्होंने फिलीस्तीन मुद्दे से भी किनारा नहीं किया। इजरायली संसद में खड़े होकर उन्होंने गाजा की बात की और ये कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र की पहल के साथ खड़ा है। यह क्षेत्र के लोगों के लिए न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति का वादा करता है, जिसमें फिलिस्तीन मुद्दा शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘गाजा शांति पहल को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का समर्थन मिला हुआ है। भारत ने इस पहल के प्रति अपना दृढ़ समर्थन जताया है। हम शांति के पैरोकारी करने वाले देश रहे हैं। हमें विश्वास है कि यह क्षेत्र के सभी लोगों के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का वादा करती है, जिसमें फिलिस्तीन मुद्दे का समाधान शामिल है। हमारे सभी प्रयास बुद्धिमत्ता, साहस और मानवता पर आधारित हैं। शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता लेकिन भारत इस क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए आपके साथ और विश्व समुदाय के साथ खड़ा है।
आतंकवाद पर भारत सख्त: मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में यह कहा कि नागरिकों की हत्या को कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता है। इजरायल ने आतंक को झेला है तो भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 मुंबई हमले और उनमें जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों की याद है, जिनमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे। हमारी आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति है, जिसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में होलोकास्ट को दुनिया के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया है। भारत और इजरायल की हजारों साल पुरानी सभ्यताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भारत के लोग इजरायल की उपलब्धियों के लिए उसका सम्मान करते हैं। इजरायल और भारत के पुराने संबंधों का भी उन्होंने जिक्र किया।
इजरायल में पीएम मोदी को सम्मान
इजरायल की संसद ने प्रधानमंत्री मोदी को नेसट अध्यक्ष पदक से सम्मानित किया है। मोदी यह पदक प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति हैं। यह नेसट का सर्वोच्च सम्मान है। भारत और इजरायल के संबंधों को मजबूत करने में असाधारण योगदान के लिए उनको यह सम्मान दिया गया है। इजरायली पीएम ने जमकर पीएम मोदी की तारीफ की है।













