महिला आरक्षण: ‘विपक्ष को भारी पड़ेगा नारी का अपमान’

नई दिल्ली। महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने को लेकर सरकार विपक्ष पर हमलावर है, वहीं विपक्ष इसे अपनी जीत बता रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इसे नारी शक्ति का अपमान करार दिया और कहा कि विपक्ष को यह बहुत भारी पड़ेगा।

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नड्डा ने एक्स पर पोस्ट किया, लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 का पारित नहीं होना कांग्रेस, तृणमूल, द्रमुक, सपा और आईएनडीआइए की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। आज का दिन देश के लोकतंत्र के लिए काला अध्याय है।

यह केवल बिल का गिरना नहीं है, बल्कि करोड़ों बहनों के उस भरोसे का टूटना है जो उन्होंने बेहतर भविष्य के लिए संजोया था। जहां एक ओर हम महिलाओं को ‘शक्ति’ मानकर उनके सशक्तीकरण का सपना देख रहे हैं, वहीं विपक्ष के संकीर्ण सोच ने उनकी प्रगति की राह में दीवार खड़ी कर दी। यह उनके सपनों और उनके साम‌र्थ्य का अपमान है।

नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा! यह आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है। 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव तक, देश की बहनें अपने सपनों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी।

प्रेट्र के अनुसार महिला आरक्षण विधेयक गिरने पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके. स्टालिन ने कहा, तमिलनाडु ने दिल्ली को हरा दिया। स्टालिन ने इंटरनेट मीडिया पर परिसीमन विधेयक की प्रति को जलाते हुए अपनी तस्वीर पोस्ट की।

विपक्ष ने प्रगति की जगह राजनीति को चुना: फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने को लेकर विपक्ष पर ‘पाखंड’ का आरोप लगाया और कहा कि ऐतिहासिक अवसर मिलने के बावजूद विपक्ष महिला सशक्तीकरण का समर्थन करने में विफल रहा। फडणवीस ने पोस्ट किया, देश ने विपक्ष का रुख देखा है।

इन दलों के लिए महिला सशक्तीकरण केवल भाषणों और नारों में ही है। देशभर की महिलाएं इसे नहीं भूलेंगी। भाजपा महिलाओं के लिए ‘हर अधिकार, हर न्याय, हर सम्मान’ सुनिश्चित करने के लिए शनिवार से सड़कों पर उतरेगी।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत ने विपक्षी नेताओं को दिया धन्यवादतेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने और लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक की हार को ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जाएगा।

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एक्स पर पोस्ट में, रेवंत ने विधेयक को पारित होने से रोकने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके. स्टालिन, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ-साथ अखिलेश यादव और शरद पवार और अन्य नेताओं को धन्यवाद दिया।

रेवंत ने कहा, आज का दिन भारतीय इतिहास में ऐतिहासिक दिन के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी और मल्लिकार्जुन खरगे जी के नेतृत्व में सभी लोकतांत्रिक ताकतों और विपक्षी नेताओं को एकजुट करके राष्ट्रीय आपदा को टाला।

भाजपा ने देश को गुमराह करने की कोशिश की: राकांपा

शपाराकांपा (शपा) के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को संसद में हार का सामना करना पड़ा क्योंकि उसने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने और महिला सशक्तीकरण के नाम पर देश को गुमराह करने की कोशिश की।

भाजपा की ‘महिला विरोधी मानसिकता’ को उसका सही स्थान दिखा दिया गया और यह भाजपा के लिए सबक है कि वह भारत की जनता को मूर्ख नहीं बना सकती क्योंकि संसद में अभी भी ईमानदार और सच्चे लोग उनका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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