नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था के विरोध में छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन तेज हो गया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों को देर शाम सुरक्षाबलों ने मौके से हटा दिया, जिसके बाद शनिवार तड़के राजघाट पहुंचे कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
आधी रात मंच हटाने और लाठीचार्ज का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन देर रात पुलिस और सुरक्षाबलों ने उनके साथ तानाशाही रवैया अपनाया। प्रदर्शनकारी सन्नी द्विवेदी ने कहा कि उनके मंच को तोड़ दिया गया, लाठी-डंडों से खदेड़ा गया और डिटेन करने की धमकियां दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे विरोध दर्ज कराने राजघाट पहुंचे, तो पुलिस ने वहां भी उन्हें बसों में भरकर हिरासत में ले लिया।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के हंगामे का दिया हवाला
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे सवर्ण, सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को न्यायसंगत आरक्षण दिलाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछले दिनों जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के उपद्रव और कब्जे के चलते उनके अहिंसक और लोकतांत्रिक धरने को निशाना बनाया गया और उन्हें जबरन हटाया गया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्रवाई
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में धारा 144 और कानून-व्यवस्था को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। राजघाट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। शनिवार को भी राजधानी में छात्रों के बड़े स्तर पर जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।










