लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 75 में से 53 जिलों पर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव शनिवार यानी आज हो रहे हैं। मतदान 11 से शुरू हो चुका है जो 3 बजे तक होगा। इसके तुरंत बाद मतगणना होगी। प्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में 22 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं। इटावा में सपा और बाकी 21 भाजपा के खाते में गई है।
आज हो रहे मतदान में सबसे कांटे की टक्कर जौनपुर जिले में है। जौनपुर में अब भाजपा के सहयोगी दल अपना दल एस के उम्मीदवार और इसके अलावा तीन अन्य उम्मीदवार जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव मैदान में उतरे हैं। जिसमें पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला भी उम्मीदवार हैं।
वोटिंग अपडेट्स…
- अयोध्या में कलेक्ट्रेट स्थित मतदान स्थल पर सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हुई है। आरोप है कि सपा के जिला पंचायत सदस्य मान सिंह वांटेड हैं। वे सपा के कुछ सदस्यों के साथ वोट डालने पहुंचे थे। जिस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया तो मामला मारपीट तक पहुंच गया।
- बरेली में वोटिंग के दौरान सपा कार्यकर्ता पुलिस कर्मियों से भिड़ गए।
- आरोप है कि कुछ सपाई अपने वोटरों का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच इंस्पेक्टर मनोज कुमार उनसे गाली-गलौज करने लगे। आरोप यह भी है कि पुलिस लगातार वोटरों को वोट करने से रोक रही है।
- रामपुर में वार्ड 22 के जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा और वार्ड 21 की जिला पंचायत सदस्य शबा बेगम ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन ने उनके हेल्पर बना दिए हैं। जबिक उन्हें हेल्पर की जरूरत नहीं है। नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि सपा ने प्रदेश में जिला पंचायत सदस्यों की सबसे अधिक सीटें जीतीं। लेकिन भाजपा लोकतंत्र की हत्या करके पुलिस प्रशासन के इस्तेमाल से अध्यक्ष पद के चुनाव को प्रभावित कर रही है।
भाजपा-सपा दोनों जोड़-तोड़ में जुटे
यूपी में 53 सीटों पर शनिवार को वोटिंग होनी है, उन पर ज्यादातर बीजेपी और सपा आमने-सामने हैं। इनमें से 37 जिला पंचायत सीटें ऐसी हैं, जहां पर सिर्फ दो-दो उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में हैं। दोनों ही दल के नेता अपनी-अपनी जीत के लिए जोड़-तोड़ में जुटे हैं। शनिवार को देर शाम तक जिला पंचायत अध्यक्ष के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के चेयरमैन मनोज कुमार के अनुसार मतदान के लिए सभी जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
36 जिलों में सपा आगे लेकिन यहां भाजपा की नजर बागियों पर
निर्विरोध चुनावों के बाद भी बचे हुए 53 जिलों में से समाजवादी पार्टी 36 जिलों में भाजपा से आगे है। हालांकि, कई जगह समाजवादी पार्टी का गणित कहीं निर्दलीय तो कहीं बागी बिगाड़ रहे हैं। बहरहाल, समाजवादी पार्टी अभी तक इटावा में ही निर्विरोध जीत सकी है। बाकी 21 में भाजपा ने जीत दर्ज की है। हालांकि, पार्टी का दावा है कि भाजपा ने सत्ता पक्ष का दुरुपयोग कर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा किया है। वहीं भाजपा 53 में से सिर्फ 8 जिलों में समाजवादी पार्टी से आगे हैं।













