मेरे पापा गुस्सैल थे। बेवजह मम्मी को पीटते थे। उन्हें दीदी की लव मैरिज से भी परेशानी थी। दीदी को भागकर शादी करनी पड़ी। जब मैंने कहा कि मैं विपिन से शादी करना चाहती हूं, तो उन्हें अच्छा नहीं लगा। वो कहने लगे कि तू भी डोली के नक्शे कदम पर चलेगी, मैं ये होने नहीं दूंगा। फिर वो मम्मी को भी परेशान करते। कहते तूने दोनों लड़कियों को बिगाड़ दिया। हम परेशान थे, इसलिए हमें उनको मारना पड़ा।’
ये कबूलनामा उस बेटी का है, जिसने अपने बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त की मदद से अपने ही पिता का मर्डर करवा दिया। मां कविता और उसके बॉयफ्रेंड ने भी उसका साथ दिया। करीब 2 महीने की प्लानिंग के बाद सुभाष को 23 जून को खेत से घर आते हुए गोली मार दी गई। 14 दिन बाद रविवार को इस केस का पुलिस ने खुलासा किया।
हिला देने वाली इस स्टोरी के कई अध्याय थे, जिन्हें पुलिस ने बेटी और मां से पूछताछ के बाद एक-एक करके खोला। जब पुलिस के अधिकारियों ने बेटी सोनम से पूछा- बॉयफ्रेंड के लिए तुमने अपने पिता को ही दर्दनाक मौत दे दी। तो सोनम रोने लगी। सुबकते हुए कहा कि पापा की वजह से हम मां-बेटी परेशान थे। हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा, तो मजबूरन ये कदम उठाना पड़ा। लेकिन अब अच्छा नहीं लग रहा। पढ़िए पूरा कबूलनामा…
बेटी के बयान : पापा को हम बहनें, मम्मी पसंद नहीं थीं पुलिस को सोनम ने बयान दिया- पापा को मम्मी और हम दोनों बहनें पसंद ही नहीं थीं। मैं और बड़ी बहन डॉली को अक्सर डांटते रहते थे। हमें लगता था कि शायद उन्हें हमारे लड़की होने से दिक्कत थी। वो मेरे दोनों भाइयों आयुष और वंश को खूब प्यार करते थे। लेकिन, हम दोनों बहनों से उनका बिहेवियर अच्छा नहीं था।
पापा को बेटे पसंद थे, इसलिए उन्होंने हम दोनों बड़ी बहनों के होने के बाद भी 2 बेटे किए। वो मम्मी को कई बार प्रताड़ित करते थे। इसलिए अक्सर घर में क्लेश रहता था। मम्मी-पापा, हम बच्चों के सामने ही झगड़ते थे। मम्मी भी पापा से परेशान हो चुकी थी। वो दुखी थी, लेकिन अपनी बात किसी से कहती नहीं थी।
दीदी को मजबूरन घर से भागना पड़ा सोनम ने बताया- घर में प्यार न मिलने से मेरी दीदी बाहर प्यार तलाशने लगी। उसे एक लड़के से प्यार हो गया। वह हमारी बिरादरी का नहीं है, दलित है। दीदी उससे शादी करना चाहती थी। पापा को जब पता चला कि वो टेंपो ड्राइवर है और दूसरी जाति का है, तो उन्होंने दीदी को बहुत डांटा था।
बड़ी बहन को मारा-पीटा भी, लेकिन दीदी नहीं मानी। उन्होंने कहा कि शादी उसी लड़के से करेंगी। ये बात पापा को रास नहीं आई थी। तब दीदी को मजबूरन घर से भागकर शादी करनी पड़ी। इसके बाद उनका हमारे यहां आना-जाना बंद हो गया था।

सोनम बोली- मैं भी लव मैरिज करना चाहती थी सोनम ने बताया- मुझे भी घर में कभी पापा का प्यार नहीं मिला। मैं मनोहर लाल डिग्री कॉलेज में बीए कर रही थी। तभी मेरी मुलाकात वहां दूध डेयरी पर काम करने वाले विपिन से हुई। धीरे-धीरे हमारी बातचीत बढ़ी। हम टेलिग्राम पर चैट, कॉल करने लगे। मैं उससे प्यार करने लगी। विपिन भी दूसरी जाति का है, दलित है। मैं उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन पापा को विपिन पसंद नहीं आया।
सालभर पहले पापा को मेरे अफेयर के बारे में पता चला तो उन्होंने कहा कि तू भी अपनी बड़ी बहन की राह पर चलेगी। घर से भागेगी, मैं ये होने नहीं दूंगा। इसके बाद पापा मेरी शादी दूसरी जगह कराना चाहते थे। मुझे विपिन से ही शादी करनी थी। इसलिए मैंने सोच लिया कि पापा को रास्ते से हटाऊंगी।
मम्मी भी पापा से छुटकारा चाहती थी, 2 महीने तक प्लानिंग की मेरी मम्मी कविता भी पापा से छुटकारा चाहती थी। वो उनसे परेशान हो चुकी थी। शादी के 25 साल हो चुके थे, लेकिन पापा आज भी मम्मी को प्रताड़ित करते। इसलिए मम्मी की दोस्ती हमारे खेत के पास ही दूसरे खेत वाले गुलजार से हो गई। एक दिन मुझे मम्मी-गुलजार की दोस्ती का पता चला। मैंने कहा कि मैं सब बता दूंगी, नहीं तो मेरा साथ दो। तब मम्मी ने कहा कि वो भी पापा से दूर होना चाहती है। इसके बाद हमने अप्रैल, 2025 में प्लान बनाना शुरू किया।
इसके लिए कई मूवी और यूट्यूब के वीडियो देखे, लेकिन कोई खास आइडिया समझ में नहीं आया। फिर विपिन ने ही कहा- तुम चिंता मत करो। तुमसे शादी करने के लिए तुम्हारे पिता को हम ही मारेंगे। उसने कहा कि सिर्फ अपने पापा का रूटीन मुझे नोट करके बताओ, वो कब-कहां आते-जाते हैं।

दूसरी तरफ मां ने अपने बॉयफ्रेंड गुलजार को भी विश्वास में लिया। एक दिन कॉन्फ्रेंस कॉल पर हमारा लंबा डिस्कशन चला। इसमें विपिन, मां, उनके बॉयफ्रेंड गुलजार और असगर सभी शामिल थे।
इतना तय हुआ कि पापा को मारने के बाद मेरी शादी विपिन से हो जाती। मम्मी गुलजार के साथ रहने लगती। गोली मारने के लिए विपिन ने ही असगर को साथ लिया, ताकि किसी को शक न हो।
मां कविता का बयान : वो मुझे पीटते थे, मैं परेशान हो गई थी सुभाष की पत्नी कविता ने बताया- शादी के 25 साल से ज्यादा हो गए थे। हमारे 4 बच्चे हैं, लेकिन अभी भी पति मुझे पीटते थे। बच्चों के सामने बुरा-भला कहते थे। बड़ी बेटी भाग गई, तो उसका दोष मुझ पर ही थोपा गया। छोटी बेटी सोनम भी दूसरी जाति के लड़के से शादी करना चाहती थी। उसके लिए भी मुझे कुसूरवार ठहराया जाता। रोजाना घर में मारपीट, क्लेश होता था।
पति कहता था कि मैंने बेटियों को बिगाड़ दिया है। मेरी परवरिश में और मुझमें ही खोट है। दो बेटियां होने के बाद जब मैंने कहा कि अब बच्चा नहीं करेंगे, तो भी उसने जबरन 2 बेटे कराए। उसे बेटा चाहिए था। शुरू से आज तक पति ने मुझे परेशानी दी है। मैं इससे दुखी हो चुकी थी।
इसलिए मेरा अफेयर गुलजार से हो गया। मुझे उससे बात करके खुशी मिलती थी। मुझे अच्छा लगता था। लेकिन, जब पति को मेरे और गुलजार की दोस्ती का पता चला तो उसने मुझे बहुत मारा और डांटा। कहा कि तू ऐसा करती है, तभी तो लड़कियां भी बिगड़ रही हैं। मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था। इसलिए मैंने बेटी सोनम की बात मान ली और हमने मिलकर हत्या का प्लान बनाया।

अब मर्डर की कहानी जानिए…
अजगर ने मारी गोली, विपिन लाया तमंचा जब 23 जून को सुभाष शाम को खेत में पानी लगाने गया तो मां-बेटी ने अपने-अपने बॉयफ्रेंड को वॉट्सऐप कॉल के जरिए बताया कि वह निकल गया है। आज सही मौका है, इसका काम खत्म कर दो। इसके बाद विपिन तमंचा, कारतूस लेकर बाइक से आया।
यहां रास्ते में उसने अजगर को तमंचा, कारतूस दिए और खुद बाइक चलाने लगा। बाइक लेकर विपिन नहर पटरी के पास पहुंचा। वहां सुभाष को देखकर अजगर ने उसे पीछे से गोली मार दी। गोली सुभाष के कमर पर लगी। इसके बाद दोनों बाइक से भाग गए।
विपिन, अजगर की लोकेशन घटनास्थल पर मिली पुलिस ने जब घरवालों की कॉल डिटेल और लोकेशन को चेक की, तो पूरा सच परत-दर-परत सामने आया। गांववालों ने पत्नी कविता के गुलजार से संबंधों की बात बताई। वहीं मां, बेटी की कॉल डिटेल में विपिन और गुलजार का नंबर बार-बार सामने आया।
वहीं, हत्या वाले दिन प्रेमी विपिन और एक अन्य की लोकेशन उसी जगह की मिली, जहां सुभाष को गोली मारी गई थी। कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर पुलिस ने विपिन, गुलजार और मां, बेटी को पकड़ा। तब पूछताछ में इन्होंने अजगर का नाम भी बताया। अजगर की लोकेशन भी हत्या वाली जगह की निकली।













