JPNIC के निर्माण में खर्च ₹821 करोड़ वापस लेगी सरकार

लखनऊ में जिस JPNIC को अखिलेश सरकार ने बनवाया था, उसके निर्माण में आए 821 करोड़ रुपए के खर्च को योगी सरकार LDA से वापस लेगी। इसके लिए सरकार ने LDA को 30 साल का समय दिया है। अब LDA ही इस बिल्डिंग के बचे हुए काम कराएगा। LDA की कमेटी इसका संचालन करेगी। साथ ही इसमें चलने वाले क्लब के लिए लोगों की मेंबरशिप बनाई जाएगी।

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JPNIC मल्टीस्टोरी मल्टीपर्पज बिल्डिंग है। इसमें स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स-ओपन रेस्टोरेंट सहित होटल, म्यूजियम, 2000 लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल सहित कई सुविधाएं मिलेंगी। टेरेस पर ओपन रेस्टोरेंट है। साथ ही हेलीपैड भी बना है जिसपर खास लोग हेलिकॉप्टर से लैंड कर सकेंगे। पढ़िए JPNIC बिल्डिंग के निर्माण, खर्च और इसकी फैसिलिटीज के बारे में…

पहले बात बिल्डिंग में आए खर्च की…

वापस करनी है निर्माण में खर्च हुई लागत

कैबिनेट में पास हुए प्रस्ताव के मुताबिक, सरकार ने LDA को सेंटर के संचालन का जिम्मा सौंपा है। इसके साथ ही इस पर अब तक खर्च हुई 821 करोड़ की लागत को भी वापस मांग लिया है, जिसके लिए 30 वर्षों का समय दिया है। नई बन रही कमेटी इस मामले को ध्यान में रखते हुए अपना प्रस्ताव तैयार करेगी। हालांकि, अधूरे कामों को पूरा करने में भी 150 करोड़ रुपए लगेंगे।

सेंटर के गेट पर लगी टीन शेड भी जल्द हटेगी।
सेंटर के गेट पर लगी टीन शेड भी जल्द हटेगी।

अधूरे कामों में LDA खर्च करेगा रुपए

सेंटर में कई काम अब भी अधूरे हैं। LDA अफसरों की मानें तो उसको पूरा करवाने में करीब 150 करोड़ का खर्च जाएगा जिसको अभी तक प्राधिकरण शासन से मांग रहा था। अब पूरा जिम्मा मिल जाने के बाद इसमें खर्च होने वाली लागत को प्राधिकरण खुद खर्च करेगा।

कमेटी बनेगी, तय होगा संचालन कैसे करें

सेंटर को लेकर LDA वीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। इसमें LDA के वरिष्ठ अधिकारी, वित्त विशेषज्ञ, कई सलाहकार शामिल किए जा सकते हैं। यह कमेटी संचालन की पूरी कार्ययोजना तैयार करेगी। इसके साथ सेंटर को निजी हाथों में देने पर प्राधिकरण का क्या फायदा नुकसान होगा इस पर भी काम करेगी। इसके बाद ये तय होगा कि संचालन खुद प्राधिकरण करेगा या पीपीपी मॉडल पर दे दिया जाएगा।

डेढ़ साल का लगेगा समय

JPNIC लगातार 8 सालों से बंद पड़ा है। ऐसे में उसमें लगे सभी उपकरण लगभग खराब हो गए हैं। कई काम अभी भी अधूरे है। LDA अफसरों की मानें तो इसे पूरा करने में करीब डेढ़ साल, यानी दिसंबर 2026 तक इसका पूरा ढांचा तैयार कर संचालन शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, भवन का फिजिकल स्ट्रक्चर लगभग तैयार हो चुका है। अब केवल इंटीरियर, तकनीकी इंस्टॉलेशन, स्टाफ की नियुक्ति बाकी है।

JPNIC में 6 फ्लोर की पार्किंग बनी है। इसमें 600 गाड़ियां खड़ी हो सकती हैं।
JPNIC में 6 फ्लोर की पार्किंग बनी है। इसमें 600 गाड़ियां खड़ी हो सकती हैं।

अब जानिए JPNIC की फैसिलिटीज…

अंतरराष्ट्रीय मानकों का स्विमिंग और डाइविंग पूल

स्पोर्ट्स ब्लॉक में टेनिस, बैडमिंटन, स्क्वैश, टेबल टेनिस कोर्ट सहित कई खेल शामिल हैं। एक्वेटिक ब्लॉक में अंतरराष्ट्रीय मानकों का स्विमिंग और डाइविंग पूल, बच्चों के लिए अलग पूल बना है। इसके साथ ही दर्शकों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था है।

सेंटर में कन्वेंशन हॉल भी बना है, जिसमें करीब 2000 लोगों के बैठने की क्षमता है, जबकि कॉन्फ्रेंस हॉल में 1477 सीटें हैं। दो सेमिनार हॉल, एक सम्मेलन लॉबी जिसमें 1100 लोगों की क्षमता है। सेंटर में 16 लिफ्ट, 10 एसकेलेटर, 600 कारों की पार्किंग, 100% पावर बैकअप, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग, वाईफाई नेटवर्क, CCTV निगरानी और सीवेज प्लांट भी लगा है।

संस्कृति, सेहत और तकनीक का संगम

JPNIC का संग्रहालय ब्लॉक शहर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य करेगा, जिसमें 460 वर्ग मीटर का संग्रहालय, ओपन-एयर थिएटर, पुस्तकालय और योग सेंटर है। स्वास्थ्य क्लब में जिम, योग हॉल, स्पा और हेल्थ सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

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