यूपी में भारी बारिश और आधी रात को गर्भवती को अस्पताल से किया बाहर

बलरामपुर। अटल चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन संयुक्त जिला चिकित्सालय में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती होने के बाद आधी आबादी का दर्द कम होने की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

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संवेदनहीनता की हद तो तब हो गई जब महिला चिकित्सक डा. मेधावी सिंह ने जटिल प्रसव के मामले में गर्भवती का आपरेशन करने से इन्कार कर दिया।

रात साढ़े आठ बजे अस्पताल पहुंची गर्भवती दिव्या पत्नी हरीश तिवारी निवासी ललिया दो घंटे तक सर्जन के आने का इंतजार करती रहीं। पहले महिला सर्जन ने उपकरण न होने की बात कही।

बाद में आपरेशन करने से हाथ खड़े कर दिए। रात 11 बजे झमाझम बारिश के बीच गर्भवती को निजी अस्पताल या मेडिकल कालेज बहराइच ले जाने की बात कही। इस पर गर्भवती के परिवारजन मूसलाधार बारिश में उसे लेकर गोंडा के लिए रवाना हुए।

ललिया निवासी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी हरीश तिवारी ने बताया कि उनकी पत्नी दिव्या को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा हुई। इस पर पहले वह उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरा गए। चिकित्सक की सलाह पर जिला महिला अस्पताल लेकर आए।

यहां अल्ट्रासाउंड कराने के बाद महिला चिकित्सक डा. नगमा खान ने कहा कि आपरेशन कराना पड़ेगा। मामला गंभीर लग रहा है, इसलिए तुरंत आपरेशन की आवश्यकता है। महिला अस्पताल में इस समय आपरेशन संभव नहीं है, इसलिए मरीज को कहीं और लेकर जाइए।

उधर मौसम खराब होने से हरीश पत्नी को बहराइच ले जाने के बजाय अटल चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन संयुक्त जिला चिकित्सालय लेकर गया। रात साढ़े आठ बजे यहां तैनात स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा. मेधावी सिंह लेबर रूम से आपरेशन करके निकलीं।

हरीश की पत्नी दिव्या को देखने के बजाय अपने आवास पर चली गईं। उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर बताया कि अस्पताल में आपरेशन के उपकरण ही खत्म हो गए हैं। अस्पताल में मौजूद स्टाफ नर्सों ने जांच कर बताया कि बच्चे की धड़कन सही है, चिकित्सक के पुन: आने पर तय होगा कि क्या करना है।

दो घंटे तक गर्भवती अपने परिवारजन के साथ उनके आने की राह देखती रही। इसी बीच झमाझम बारिश शुरू हो गई। चिकित्सक डा. मेधावी अस्पताल पहुंची तो मरीज को देखते ही बोल दिया कि यहां आपरेशन नहीं हो पाएगा। यदि महिला चिकित्सालय से रेफर किया गया है, तो इन्हें अन्यत्र कहीं ले जाएं।

इतना कहकर वह अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गईं। थक-हारकर मनीष मूसलाधार बारिश के बीच पत्नी को लेकर गोंडा के लिए रवाना हो गया। चिकित्सक डा. मेधावी का कहना है कि आपरेशन के उपकरण खत्म हो गए थे। केस सीरियस था। पहले से रेफर बना हुआ था।

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