पटना: ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। जिम्मेदारी नहीं लेनी है। चाणक्य से पूछिए। जाकर संजय यादव, तेजस्वी से पूछिए। सवाल पूछने पर गाली दिया जाएगा। चप्पल से पिटवाया जाएगा।’ बिहार चुनाव नतीजों के अगले दिन ही लालू परिवार में घमासान छिड़ गया। तेज प्रताप यादव चुनाव से पहले ही बागी हो चुके थे और अब बुरे नतीजों के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का भी परिवार से नाता टूट गया है। शनिवार एक्स पर एक पोस्ट के जरिए रोहिणी आचार्य ने आरजेडी के भीतर खलबली मचा दी। परिवार से नाता तोड़ने की खबर के बाद देर शाम मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए वह बहुत गुस्से में नजर आईं। उन्होंने तेजस्वी और संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाए।
एयरपोर्ट पर धमाका, चाणक्य पर रोहिणी का तंज
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में रोहिणी ने फूट-फूटकर रोते हुए कहा, “मेरा कोई परिवार नहीं है। संजय, रमीज और तेजस्वी यादव से पूछिए, उन लोगों ने मुझे परिवार से निकाला है। उन लोगों को हार की जिम्मेदारी नहीं लेनी है। चाणक्य जो बनेगा, वह जवाब देगा। देश-दुनिया चाणक्य से सवाल कर रहा है-पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ?
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अगर संजय और रमीज के बारे में बोलें तो गालियां दी जाती हैं, घर से निकाल दिया जाता है और चप्पल उठाकर मारा जाता है।
रोहिणी ने कहा, गालियां दी गईं, चप्पल उठाकर मारा गया और कहा गया कि अब आप इस परिवार और पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने तेजस्वी के सलाहकारों पर सत्ता की राजनीति करने लेकिन जवाबदेही से बचने का इल्जाम लगाया। यह पहली बार है जब परिवार के अंदर तेजस्वी की कोर टीम पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं।
कार्यकर्ताओं में असंतोष
रोहिणी ने चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं और सलाहकारों के बीच संवाद की कमी थी। ग्रासरूट कार्यकर्ताओं में व्यापक असंतोष है, जिसकी अनदेखी की गई।
उन्होंने चाणक्य बनने का दावा करने वालों पर तंज कसा कि हार के बाद वे गायब हो जाते हैं। यह विवाद RJD के पोस्ट-पोल विश्लेषण के बीच आया है, जहां पार्टी अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर रही है।
RJD की एकता पर संकट
यह पारिवारिक और पारिवारिक झगड़ा बिहार की राजनीति में भूचाल ला सकता है। RJD पहले से ही हार के सदमे से जूझ रही है, और यह विवाद पार्टी की एकजुटता को और कमजोर कर सकता है।
विपक्षी दलों ने इसे मौका के रूप में देखा है, जबकि NDA इसे RJD की आंतरिक कमजोरी के प्रमाण के तौर पर पेश कर रहा है।
रोहिणी के बयान से तेजस्वी यादव की सलाहकार टीम पर सवाल खड़े हो गए हैं, जो पार्टी के भविष्य के लिए चुनौती बन सकता है। RJD नेतृत्व ने अभी तक रोहिणी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, यह पारिवारिक मामला है, जिस पर टिप्पणी करना उचित नहीं, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह विवाद लंबा चल सकता है।
RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी और सारण से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को अचानक राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से सभी संबंध खत्म करने का ऐलान कर दिया। राबड़ी देवी के आवास से बाहर निकलते हुए उन्होंने मीडिया के सामने आकर सनसनीखेज आरोप लगाए। रोहिणी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका अब कोई परिवार नहीं है और वो कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहतीं। उनके इस कदम ने न केवल RJD, बल्कि लालू परिवार में खलबली मचा दी है।
तेजस्वी और सलाहकारों पर इल्जाम
रोहिणी आचार्य ने अपने भाई और RJD नेता तेजस्वी यादव पर उन्हें परिवार से निकाले जाने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने तेजस्वी के करीबी सलाहकारों, संजय यादव और रमीज पर भी गंभीर आरोप लगाए। रोहिणी ने मीडिया से कहा, ‘जाकर संजय यादव, तेजस्वी से पूछिए, सवाल पूछने पर गाली दी जाएगी, चप्पल से पिटवाया जाएगा।’ उन्होंने ये भी दावा किया कि संजय यादव और रमीज ही चाहते थे कि वो राजनीति छोड़ दें और परिवार से नाता तोड़ लें। अपने इस्तीफे के बाद रोहिणी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी इसकी पुष्टि की, जहां उन्होंने लिखा कि वह पूरा दोष अपने ऊपर ले रही हैं। इन आरोपों ने लालू परिवार की कलह को सार्वजनिक कर दिया है।
राबड़ी आवास से सिंगापुर वापसी
डॉक्टर से नेता बनीं रोहिणी आचार्य ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण सीट से RJD के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजीव प्रताप रूडी से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद से ही उनके और परिवार/पार्टी के बीच दूरियां बढ़ती दिख रही थीं। चुनाव से कई महीने पहले ही उन्होंने लालू यादव, तेजस्वी यादव और RJD को एक्स पर अनफॉलो कर दिया था। बताया जा रहा है कि रोहिणी आचार्य पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं और उनके वापस सिंगापुर जाने की चर्चा है।













