हल्द्वानी। आठ फरवरी 2024 को बनभूलपुरा में हुआ बवाल हल्द्वानी ही नहीं देश भर के लोगों के जेहन में है। अतिक्रमण हटाने गए पुलिस-प्रशासन पर हजारों की भीड़ ने पत्थरों से हमला कर दिया था।
इसके बाद पेट्रोल बम के धमाके भी गूंजने लगे। उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाने तक को फूंक दिया था। दंगे में छह लोगों की जान गई तो पुलिस, निगम कर्मचारी, पत्रकारों समेत 250 लोग घायल हुए थे।
बनभूलपुरा स्थित मलिक के बगीचे में सरकारी भूमि पर मदरसे और नमाज स्थल का निर्माण किया गया था।
2024 में नगर निगम प्रशासन ने अतिक्रमण चिह्नित कर जमीन खाली करने के निर्देश दिए थे। लेकिन कब्जा नहीं छूटा, जिसके बाद आठ फरवरी 2024 को पुलिस, प्रशासन और निगम की टीम संयुक्त तौर पर यहां कार्रवाई को पहुंची थी।
पहले से तैयार उपद्रवियों ने सभी को घेर चारों तरफ से पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। इसके बाद पेट्रोल बम से हमले करने के साथ ही जगह-जगह आगजनी भी शुरू कर दी।
अंधेरा होते ही सैकड़ों दंगाई बनभूलपुरा थाने पहुंच गए, जिसके बाद थाने को आग के हवाले कर दिया।
अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे जान बचाई। दूसरी तरफ पुलिस, प्रशासन, निगम और पत्रकारों के सौ से अधिक वाहनों में आग लगा दी गई।
चार घंटे तक चले उपद्रव के बाद किसी तरह फंसे लोगों और घायलों को बाहर निकाल उपचार के लिए शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
इसके बाद शासन के निर्देश पर कर्फ्यू लगाने के साथ ही कई दिन हालात सामान्य होने तक इंटरनेट सेवा भी बंद करनी पड़ी थी।
कब्जे की जमीन पर बनाया थाना
जिस जगह को लेकर बनभूलपुरा में बवाल हुआ था, उसे खाली कराने के बाद शासन ने थाने के निर्माण का आदेश दिया था। बजट जारी होने के बाद भवन का अधिकांश काम पूरा हो गया।
जल्द शुभारंभ भी हो जाएगा। दूसरी तरफ दंगे के आरोप में पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। मामले में मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल मलिक अब तक जेल में ही है।













