नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान में तेल संकट गहरा गया है। यहां कंपनियों ने जमाखोरी शुरू कर दी है। पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (पीपीडीए) के नेताओं ने चेतावनी दी है कि कई पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा आपूर्ति में कटौती के बाद अगले कुछ दिनों में देश भर के पेट्रोल पंप बंद होने शुरू हो सकते हैं।
एसोसिएशन के केंद्रीय महासचिव चौधरी इरफान इलाही ने कहा कि ईंधन की घटती आपूर्ति के कारण स्थिति चिंताजनक हो गई है। डीजल की आपूर्ति घटकर मात्र 20 प्रतिशत रह गई है और पेट्रोल की आपूर्ति में भी भारी कटौती की गई है। ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। पेट्रोल की कीमतों में 35 और डीजल में 17 पाकिस्तानी रुपये तक की वृद्धि हुई है।
पीपीडीए के सेंट्रल पंजाब अध्यक्ष नौमान मजीद ने स्वीकार किया कि पेट्रोल की आपूर्ति में 50 प्रतिशत की कमी आई है और दावा किया कि कुछ निजी कंपनियों ने पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी शुरू कर दी है। पीपीडीए लाहौर के अध्यक्ष जहानजैब मलिक ने सरकार से पेट्रोल पंपों तक पर्याप्त ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
पीटीआई के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रांतीय सरकारों को पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जमाखोरी में शामिल किसी भी पेट्रोल पंप को तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए, उसका लाइसेंस रद कर दिया जाना चाहिए और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पेट्रोलियम मंत्री को प्रांतों का दौरा करने और प्रांतीय सरकारों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश भी दिया।
(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ)










