कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 23 पदों से इस्तीफा दिया है। राज्य के गृह विभाग ने सभी संबंधित विभागों को आदेश दिया है कि बुधवार शाम 4 बजे तक उनके इस्तीफे स्वीकार करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बतौर मुख्यमंत्री राज्य की तमाम बोर्ड की अध्यक्ष थीं। मुख्यमंत्री ने यह निर्णय खुद से लिया है। इनमें राज्य स्वास्थ्य मिशन की प्रमुख, राज्य वन्यजीव बोर्ड की अध्यक्ष और इको-टूरिज्म सलाहकार बोर्ड जैसे कई बड़े पद भी शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 2026 के विधानसभा चुनावों में अपने परंपरागत गढ़ भबानीपुर से चुनाव लड़ रही हैं। यहां पर उन्हें घेरने के लिए बीजेपी ने नेता विपक्ष और ममता के पूर्व सहयाेगी सुवेंदु अधिकारी को उतारा है। ममता बनर्जी इस सीट से चार बार जीत चुकी हैं। ममता बनर्जी के चुनावों के बीच एकदम से विभिन्न 23 पद छोड़ने को लेकर आधिकारिक पत्र जारी कर दिए गए हैं। ममता बनर्जी ने जिन पदों को छोड़ा है। उनमें नेता सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समिति के साथ वेस्ट बंगाल उर्दू अकादम का भी पद शामिल है।
ममता बनर्जी ने क्यों छोड़े पद?
ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे पत्र में कहा है कि वह उनके सभी पदों से इस्तीफा स्वीकार करने के जरूरी कदम उठाए जाएं। चाहे वे पद सूची में शामिल हाें या नहीं। ममता बनर्जी ने अचानक से तमाम पद क्यों छोड़े हैं। इसका कारण उन्होंने पत्र में नहीं बताया है। ममता बनर्जी ने जिन पदों से इस्तीफा दिया है वे सभी पद एडमिनिस्ट्रेटिव और कमिटी के प्रमुख के पद हैं।
ऐसी चर्चा है कि ममता बनर्जी ने ये सभी पद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले लाभ के पद से जुड़े नियमों को लेकर संभावित कानूनी चुनौतियों से बचना है। भारतीय कानून के तहत अगर कोई उम्मीदवार कुछ ऐसे सरकारी पदों पर होता है जिन्हें लाभ का पद माना जाता है, तो उसे चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराया जा सकता है। टीएमसी के नेताओं के अनुसार उन्होंने यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने, किसी भी ऐसे विवाद को रोकने के लिए उठाया है, जिसे विपक्ष उनके नामांकन दाखिल करने से पहले उठा सकता था।











