मेरठ। पिछले साल की तरह इस साल भी वैश्विक महामारी कोरोना के चलते होली के रंग फीके पड़ गए हैं। मिठाइयों से मिठास गायब हो गई है। बाजारों से रौनक और व्यापारियों के चेहरों से मुस्कान गायब है। दरअसल एकाएक कोरोना की वापसी के चलते लोगों ने एहतियात बरतते हुए भीड़भाड़ वाले स्थानों से परहेज करना शुरू कर दिया है। जिसके चलते बाजार सूने दिखाई दे रहे हैं।
पिछले कई सालों से मेरठ में हलवाई की दुकान चला रहे मनीष शर्मा ने बताया कि होली पर हर बार गुजिया, मठरी, चंद्रकला और अन्य मिठाइयों की अच्छी खासी बिक्री होती थी। पिछले साल तो कोरोना काल के चलते व्यापार चौपट हुआ ही, मगर इस बार भी कोरोना की वापसी के चलते मिठाइयों की बिक्री आधी रह गई है।
वहीं पिछले 20 सालों से रंग और गुलाल बेचकर होली पर व्यापार करने वाले सचिन ने बताया कि इस बार भी कोरोना ने होली के रंग फीके कर दिए हैं। आलम यह है कि रंग, गुलाल और पिचकारियों की बिक्री सिर्फ 10 प्रतिशत ही रह गई है। बाजारों की बात की जाए तो शहर के जो बाजार होली के मौके पर गुलजार नजर आते थे। आज वहां गिनती के ग्राहक नजर आते हैं।
ऐसे ही कुछ ग्राहकों से बात की गई तो उन्होंने होली पर सोशल डिस्टेंसिंग बरतने की बात कही। शहर की रहने वाली दीप्ति का कहना है कि वह अपने बच्चों को ग्रुप में होली नहीं खेलने देंगी। इतना ही नहीं होली के दिन भी बच्चों को मास्क और अन्य एहतियात बरतते हुए होली खेलने दी जाएगी।
इसी के साथ वह बच्चों पर नजर बनाए रहेंगी। जिससे बच्चे ज्यादा शरारत ना कर सकें। शहरवासियों में कोरोना की दहशत साफ देखी जा रही है। जिसके चलते इस साल भी होली का त्यौहार फीका होता नजर आ रहा है।













