उत्तर प्रदेश को विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में शामिल किए जाने से इसका असर पंचायत चुनाव की तैयारियों पर पड़ना तय माना जा रहा है। लोकसभा-विधानसभा और पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियां अलग-अलग हैं। जबकि, इन सूचियों को अपडेट करने की जिम्मेदारी उठाने वाले निचले स्तर के कर्मचारी कॉमन हैं। इसलिए दिक्कतें आना तय माना जा रहा है।
यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अगले साल अप्रैल-मई में होने हैं। इन दिनों पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियों को अपडेट करने का काम चल रहा है। 1 जनवरी 2025 के आधार पर मतदाता सूची दुरुस्त करने के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब सभी एसडीएम डाटा चेकिंग के बाद इसे ऑनलाइन फीड करवाने का काम करेंगे। मतदाता सूची का मसौदा (अनंतिम सूची) 5 दिसंबर को प्रकाशित होगा। जबकि, फाइनल सूची 15 जनवरी 2026 को प्रकाशित करने की घोषणा की गई है।













